हरोली अस्पताल से प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला को ऐन मौके पर रेफर कर देने और उसका 108 एंबुलेंस में सुरक्षित प्रसव होने के मामले में जांच शुरू हो गई है। अमर उजाला में डॉक्टरों ने किया रेफर, 108 कर्मियों ने करवाया प्रसव नामक शीर्षक से समाचार प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। स्वास्थ्य विभाग ने मामले को लेकर विभागीय जांच शुरू कर दी है।
बीएमओ हरोली संजय मनकोटिया ने मामले को लेकर पीड़ित परिवार के परिजनों को भी अस्पताल में बुलाया, ताकि मामले को लेकर गहनता से जांच की जा सके। बीएमओ हरोली संजय मनकोटिया ने बताया कि इस संबंध में जांच शुरू कर दी गई है। गौरतलब है कि गत रोज हरोली अस्पताल में देर रात एक प्रवासी महिला को प्रसव के लिए लाया गया था। लेकिन, ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों ने पीड़िता को दाखिल करने और प्रसव करने की बजाय गंभीर हालत में ऊना रेफर कर दिया।
महिला को प्रसव के लिए ऊना अस्पताल ले जाया जा रहा था कि अस्पताल से कुछ ही दूरी पर महिला की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। इस पर 108 कर्मियों ने अपनी सूझबूझ के चलते एंबुलेंस में ही महिला का प्रसव करवा दिया, जिसमें जच्चा-बच्चा सुरक्षित हैं। हरोली अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर स्थानीय नेताओं सहित लोगों ने भी सवाल उठाए हैं। लोगों में विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर खासा रोष व्याप्त है।