जोल (ऊना)। ग्राम पंचायत सुकड़ियाल के गांव भ्यांबी और जोल में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए एक दिवसीय जागरुकता शिविर लगाया गया। इसकी अध्यक्षता खंड तकनीकी प्रबंधक रवि कुमार और श्वेता ने की। शिविर में किसानों को रासायनिक खेती के दुष्परिणामों और प्राकृतिक खेती के लाभों की जानकारी दी गई। खंड तकनीकी प्रबंधक रवि कुमार ने बताया कि खेतीबाड़ी में रासायनिक खाद की जगह जीवामृत का इस्तेमाल करके उर्वरा शक्ति लौटाई जा सकती है। प्राकृतिक खेती से अपने परिवार सहित दूसरों की जिंदगी को बचा सकते हैं। दूसरी ओर श्वेता ने बताया कि रासायनिक और कीटनाशकों के अंधाधुंध प्रयोग से मिट्टी की उर्वरा शक्ति समाप्त होती जा रही है। मिट्टी के जरिये यही जहर अनाज व फल सब्जियों के माध्यम से हमारी थाली में पहुंच रहा है। इस मौके पर ग्राम पंचायत सुकड़ियाल की प्रधान बीना देवी और पंचायत सदस्य अशोक कुमार ने शिविर की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रयास किसानों को स्वस्थ और सुरक्षित खेती की और प्रेरित करेगा। इस अवसर पर रीना देवी और शशि कांता सहित ग्रामीण महिलाएं व किसान उपस्थित रहे।संवाद