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Una News: मासूमों पर संकट, दो माह में 65 बच्चे अति कुपोषित मिले

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जिले में कुपोषित बच्चों की संख्या रही 272
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अभिभावकों में जागरूकता की कमी मानी जा रही बड़ी वजह
बच्चों को नहीं मिल पा रहे जरूरी पोषक तत्व
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों में नवंबर और दिसंबर के दौरान किए गए सर्वेक्षण में 65 बच्चे अति कुपोषित पाए गए हैं, जबकि 272 बच्चे कुपोषण की श्रेणी में चिह्नित किए गए हैं। मामले सामने आने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों की निगरानी और उपचार की प्रक्रिया शुरू कर दी है। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से बीते दो माह में कराए गए सर्वे में यह स्थिति सामने आई है। अति कुपोषित बच्चों पर जिला बाल विकास विभाग की ओर से विशेष निगरानी रखी जा रही है। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित जांच की जा रही है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग अति कुपोषण के कारणों की पहचान कर आवश्यक उपचार उपलब्ध करा रहा है।
इसके साथ ही बच्चों के अभिभावकों को संतुलित और पोषक आहार के प्रति जागरूक किया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार अभिभावकों में जागरूकता की कमी को कुपोषण का एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। जिले में कुल 1,364 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनमें 38,181 बच्चे पंजीकृत हैं। कुपोषित बच्चों को विभाग की ओर से दोगुनी खुराक उपलब्ध कराई जा रही है, जिसमें दाल, दूध पाउडर, फल, सब्जियां, दलिया और बिस्किट शामिल हैं। छह माह तक के शिशुओं को चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार ही पोषण और उपचार दिया जा रहा है।
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कोट
बीते दो माह में कराए गए सर्वेक्षण में 65 बच्चे अति कुपोषित और 272 बच्चे कुपोषित पाए गए हैं। इन बच्चों को डबल डाइट के साथ स्वास्थ्य संबंधी उपचार भी दिया जा रहा है। -नरेंद्र कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, ऊना
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