ऊना। ऊना जिले में सर्दियों के मौसम में बिजली की खपत का असर बारिश न होने की सूरत में सामान्य तौर पर रहा है। जहां गर्मियों में 110 मिलियन यूनिट का उपभोग जून माह में समूचे जिले में सबसे अधिक हुआ है तो वहीं दूसरी ओर दिसंबर माह में 92 मिलियन यूनिट का उपभोग जिला के उपभोक्ताओं ने किया है। आंकड़ों से ही आकलन लगाया जा सकता है कि जिला में बारिश उम्मीद के मुताबिक न होने के चलते बिजली के उपभोग के ऊपर विपरीत असर देखने को नहीं मिला है। भले ही सर्दी के मौसम में लोग हीटर, गीजर सहित अन्य उपकरणों का इस्तेमाल करते हैं लेकिन इसका असर बिजली की खपत पर सामान्य तौर पर ही रहा है। जिले में सबसे ज्यादा बिजली की खपत गर्मियों के दिनों में होती है। उस दौरान औद्योगिक क्षेत्र में एसी से लेकर अन्य सुविधाओं का जमकर इस्तेमाल होता है और गर्मियों के सीजन में ही सबसे अधिक खपत जिला ऊना में होती है। भले ही वर्तमान में बारिश उम्मीद के मुताबिक न होने की सूरत में किसान-बागवान सहित आम जनता परेशान है लेकिन जिला में बिजली की खपत सामान्य तौर पर ही आंकी गई है। आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो अप्रैल में 92 एमयू (मिलियन यूनिट), मई में 105 एमयू, जून में 110 एमयू, जुलाई में 107 एमयू, अगस्त में 95 एमयू, सितंबर में 88 एमयू, अक्तूबर में 82 एमयू, नवंबर में 84 और दिसंबर में 92 एमयू की खपत हुई है। बिजली बोर्ड सर्किल ऊना के अधीक्षण अभियंता इंजीनियर दर्शन सिंह के अनुसार जिले में अन्य जिलों के मुकाबले सर्दियों के मौसम में बिजली की खपत का विपरीत असर देखने को मिलता है। जिले में गर्मियों में अधिक खपत बिजली की होती है। सर्दियों में बिजली की खपत सामान्य तौर पर रहती है। उन्होंने कहा है कि सर्दियों में एसी सहित अन्य औद्योगिक क्षेत्र और आम उपभोक्ता ना के बराबर करता है और गर्मियों में इन चीजों का अधिक इस्तेमाल होने से बिजली की खपत अपेक्षा से अधिक रहती है। जिला में वर्तमान में 1.80 लाख घरेलू उपभोक्ता है तो कुल मिलाकर 2.32 लाख के करीब औद्योगिक क्षेत्र को जोड़कर बिजली की आपूर्ति उपभोक्ता को की जाती है।