ठठल में रामलीला का मंचन करते हुए कलाकार। संवाद
श्री हनुमान मंदिर ठठल में गूंजे जय श्रीराम के जयघोष
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ूही (ऊना)। श्री हनुमान मंदिर ठठल में रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। रामलीला के दौरान मंगलवार को कलाकारों ने श्रीराम वनवास का मंचन किया। मंचन के तहत दिखाया गया कि राजा दशरथ से कैकेयी ने दो वर मांगे, जिसमें एक में राम को चौदह वर्षों का वनवास और दूसरे में भरत को सिंहासन की मांग रखी।
इसके पहले राजा दशरथ श्रीराम को अयोध्या का राजकाज देने का निर्णय करते हैं। अंतिम समय पर कैकेयी अपनी दासी मंथरा के कहने पर पूर्व में दिए गए राजा दशरथ से दो वर मांग लेती है। पहले में वह श्री राम को 14 वर्ष का वनवास और दूसरे वर में भरत को अयोध्या का राजा बनाने को कहती हैं। राजा दशरथ कैकेयी को बहुत मनाते हैं, मगर कैकेयी नहीं मानती। जब श्रीराम को पता चलता है कि माता कैकई ने भरत के लिए राज्य अभिषेक और उनके लिए 14 वर्ष का वनवास मांगा है, तो वह सहर्ष तैयार हो जाते हैं। इसके बाद तीनों संन्यासी की वेशभूषा में राजा दशरथ एवं तीनों रानियों से आज्ञा लेकर वन के लिए प्रस्थान करते हैं।
इस मौके पर श्री रामलीला हनुमान मंदिर ट्रस्ट ठठल के प्रधान रघुवीर सिंह ने ट्रस्ट की ओर से अतिथिगणों को बताया कि हनुमान जी की पावन झांकी वीरवार रात 10 बजे दर्शाई जाएगी। इस अवसर पर प्रधान रघुवीर सिंह, मंच मंत्री देसराज, दलीप बाली, युद्धवीर सिंह, पंडित लितेश शर्मा, ग्राम पंचायत के उपप्रधान रोहित बाली, आदि कई सदस्य मौजूद रहे। इस बार ठठल में 69वां दशहरा रविवार के दिन धूमधाम से 13 अक्तूबर को मनाया जाएगा।