दौलतपुर चौक (ऊना)। गगरेट विधानसभा क्षेत्र में जिला परिषद चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ने लगा है। नगर पंचायत गगरेट के चुनाव में इस बार मुकाबला केवल भाजपा और कांग्रेस के बीच नहीं बल्कि संगठन में चल रही गुटबाजी के बीच भी है। इस चुनाव में स्थानीय प्रभाव और व्यक्तिगत पकड़ की परीक्षा भी होगी। टिकट बदलने से शुरू हुई चर्चा अब चुनावी समीकरणों को और अधिक दिलचस्प बना रही है। जिला परिषद के भंजाल वार्ड में भाजपा ने दो बार कुनेरन पंचायत के प्रधान रह चुके गुरमुख सिंह पर दांव लगाया है। वहीं कांग्रेस ने एक बार फिर दलविंदर सिंह बबली को उम्मीदवार बनाया है। हालांकि बबली पिछला जिला परिषद चुनाव हार चुके हैं लेकिन कांग्रेस उन्हें क्षेत्र में सक्रिय चेहरा मानकर मैदान में उतार रही है। अंबोटा वार्ड में अंतिम समय पर टिकट बदलने के फैसले के बाद भाजपा की अंदरूनी गुटबाजी सामने आई है। वहीं कांग्रेस एकजुटता दिखाते हुए तीनों वार्डों में मजबूती से चुनावी मैदान में उतरती नजर आ रही है।
शुरुआत में भाजपा ने पूर्व उपप्रधान रमन ठाकुर जानी पर भरोसा जताया था लेकिन देर रात अचानक भाजपा ने पवन नंबरदार को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया। विदित रहे कि इससे पहले भी रमन ठाकुर को किसान मोर्चा में एक अहम जिम्मेदारी दी गई थी लेकिन 24 घंटे के भीतर ही फैसला वापस ले लिया गया था। अब दोबारा टिकट कटने की घटना ने भाजपा की संगठनात्मक स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक गलियारों में यह बदलाव चर्चा का कारण बना हुआ है। इससे कार्यकर्ताओं के एक गुट में नाराजगी जताई जा रही है।
भाजपा ने अंबोटा वार्ड से पवन नंबरदार, चलेट वार्ड से आरती देवी और भंजाल वार्ड से गुरमुख सिंह को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस की ओर से अंबोटा से सुरिंदर सिंह कंवर, चलेट से दीपिका शर्मा और भंजाल से दलविंदर सिंह बबली चुनावी मैदान में हैं।
चलेट वार्ड में कांग्रेस ने इस बार नया दांव खेलते हुए मरवाड़ी क्षेत्र से दीपिका शर्मा को मैदान में उतारा है। उनके पति पूर्व उपप्रधान रह चुके हैं और परिवार का स्थानीय स्तर पर अच्छा प्रभाव माना जाता है। भाजपा उम्मीदवार आरती देवी छात्र राजनीति से जुड़ी रही हैं और एबीवीपी की सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में पहचान रखती हैं। ऐसे में यहां महिला नेतृत्व और स्थानीय नेटवर्क बड़ा फैक्टर बन सकता है।