ऊना। जिला के 15 सरकारी स्कूलों में मार्च 2026 से सीबीएसई पैटर्न के अनुसार पढ़ाई शुरू की जाएगी। यह पहल शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के उद्देश्य से की गई है। सीबीएसई पैटर्न के तहत पढ़ाई के लिए चयनित स्कूलों में नई व्यवस्था लागू करना चुनौतीपूर्ण होगा।
अभिभावकों ने सवाल उठाया है कि जिन बच्चों ने कई कक्षाओं की पढ़ाई हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अनुसार की है, उनके लिए बोर्ड बदलना आसान नहीं होगा। उन्होंने यह भी पूछा कि अध्यापकों को नए पाठ्यक्रम के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाएगा या उन्हें खुद को ढालना होगा। पाठ्यक्रम में बदलाव के साथ-साथ चयनित स्कूलों में इंफ्रास्ट्रक्चर, लैब, लाइब्रेरी और डिजिटल शिक्षा की सुविधाएं भी सीबीएसई मानकों के अनुसार की जाएंगी।
जानकारी के अनुसार जिला ऊना के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (रावमापा) बसदेहड़ा, रावमापा बाल ऊना, रावमापा कन्या ऊना, चुरुडू, रावमापा धुंधला, रावमापा अंबोटा, ललड़ी, सलोह, थानाकलां, गगरेट, बंगाणा, हरोली के अलावा पीएम श्री स्कूल मुबारिकपुर, वरिमापा बहडाला और अंब स्कूलों को सीबीएसई के लिए चयनित किया गया है।
अभिभावकों में नीलम देवी, मंजी रानी, विनोद कुमार, मेहर सिंह, जितेंद्र कुमार और मनु बाला ने कहा कि सरकारी स्कूलों में अब तक हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड का पाठ्यक्रम पढ़ाया जाता रहा। उन्होंने बताया कि बच्चों और अध्यापकों को नई व्यवस्था लागू होने से पहले पूरी जानकारी मिलनी चाहिए, ताकि वे मानसिक रूप से तैयार रह सकें।
उधर, उपनिदेशक जिला उच्च शिक्षा विभाग अनिल कुमार तक्खी ने बताया कि योजना प्रारंभिक चरण में है और सरकार एवं विभाग के आदेश अनुसार कार्य होगा। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में नई व्यवस्था की पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी।