ऊना। जिले के वन क्षेत्र में पेड़ों का अवैध कटान जोर-शोर से जारी है। प्रतिदिन गाड़ियां रात के अंधेरे में सीमा पार कर पंजाब जा रही हैं। इन मामलों में वन विभाग की सख्ती होने पर कार्रवाई तो होती है लेकिन उसके बाद दोबारा पुरानी स्थिति लौट आती है। सूत्रों की मानें तो वर्तमान में भी रात के 9:00 बजे से लेकर सुबह 4:00 बजे तक करीब 50 गाड़ियां अवैध लकड़ी लेकर सीमा पार कर होशियारपुर जा रही हैं।
इन मामलों में कुछ गाड़ियां परमिट वाली होती हैं तो बाकी अवैध तरीके से सीमा पार करती हैं। सूत्रों की मानें तो इन मामलों में संबंधित कर्मियों की मिलीभगत भी शामिल है। बताया जा रहा कि सीमा पार सबसे अधिक तूत के पेड़ सप्लाई किए जा रहे हैं।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार अवैध लकड़ी की सप्लाई में अच्छी खासी राशि खर्च की जा रही है। इसमें एक गाड़ी का करीब 750 रुपये सीमा पार करने के लिए दिया जा रहा है। हालांकि इन मामलों की रोकथाम के लिए डीएफओ ऊना की ओर से सख्त कार्रवाई भी की गई। इसके बावजूद स्थिति दोबारा पुरानी हालत में लौट आई है। लकड़ी का सबसे ज्यादा कटान ऊना के पंडोगा, खड्ड, पंजावर, घंडावल, बसाल, जोल क्षेत्र में किया जा रहा है।
वहीं पर्यावरण प्रेमी एवं वन विभाग से सेवानिवृत्त रेंजर ऑफिसर संजीव ठाकुर का कहना है कि जिले के जंगलों में अवैध पेड़ कटान का धंधा आए दिन जारी है। हाई कोर्ट में भी शिकायत करने के बाद कड़ा संज्ञान लिया गया है लेकिन विभाग पर कोई असर होता नजर नहीं आया है।
डीएफओ ऊना सुशील राणा ने बताया कि उनकी ओर से सीमा पर लगातार चौकसी बरती जा रही है। अगर कहीं अवैध कटान की सप्लाई सीमा पार जा रही है तो इस प्रकार के मामलों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोग भी ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए उनका सहयोग करें, जहां कहीं अवैध कटान के मामले पाए जाते हैं। उसके बारे में समय रहते वन विभाग को सूचित किया जाए।