बुद्धिजीवी बोले- जंगल लापरवाही से कम जान बूझकर ज्यादा जलाए जाते
संवाद न्यूज एजेंसी
बंगाणा (ऊना)। गर्मियों का मौसम शुरू हो चुका है। मानव तो मानव जंगली जीव-जंतु भी गर्मी से राहत मिलने की आस में बैठे रहते हैं। क्षेत्र के बुद्धिजीवियों में सोमनाथ, सुरेश कुमार, सुखदेव शर्मा, जगदीश चंद शर्मा, रणवीर सिंह, जोगिंद्र सिंह, वतन सिंह का कहना है कि जंगल की आग देखना भी पाप है। भाव स्पष्ट है कि जंगल में आग लगाना तो पाप है ही, जंगल जलते हुए देखना भी पाप का भागीदार बनता है। कहा कि एक सर्वेक्षण के मुताबिक जंगल लापरवाही से कम जान बूझकर ज्यादा जलाए जाते हैं। कहा कि इस भयंकर आग की चपेट में न जाने कितने ही जीव जंतु भी जलते हुए दिखाई देंगे। उन्होंने कहा कि जंगल में आग लगाने वालों के खिलाफ 302 के तहत सजा का प्रावधान होना चाहिए और ऐसा करने वालों को अपराध की श्रेणी में शामिल किया जाना चाहिए। अगर दो चार लोगों के खिलाफ ऐसे मामले दर्ज होंगे, तो ही लोगों में जागरूकता आ पाएगी।
दूसरी तरफ जिला वन विभाग ऊना डीएफओ सुशील राणा का कहना है कि हर क्षेत्र में वन विभाग की टीमें गठित की गई हैं। अगर मई तथा जून महीने में जंगल या उसके आसपास कोई भी व्यक्ति आग लगाता हुआ पकड़ा गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। इसमें स्थानीय लोगों से भी सहयोग की अपील की गई है।