ऊना। जिले में गेहूं की खेती इस समय सबसे नाजुक दौर से गुजर रही है। लंबे समय से बारिश न होने के कारण फसल की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। ऐसे में शुक्रवार का दिन किसानों के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को जिले के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश की संभावना जताई, जिससे गेहूं की फसल को नई जिंदगी मिलने की उम्मीद जगी है।
जानकारी के अनुसार बीते करीब ढाई महीने से ऊना में न तो अच्छी बारिश हुई और न ही खेतों में पर्याप्त नमी बनी रह सकी है। इसका सीधा असर गेहूं की पैदावार पर पड़ा है। कई क्षेत्रों में फसल का विकास रुक गया है और पत्तियां पीली होकर सूखने लगी। खासकर गैर सिंचित इलाकों में हालात बेहद चिंताजनक बने हुए।
किसानों में आकाश ठाकुर, अरविंद कुमार, कमलदेव, साहिल कुमार, चमन लाल और संजीव का कहना है कि मौजूदा समय गेहूं की फसल के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। यदि इस दौरान बारिश नहीं होती है तो पैदावार में भारी गिरावट तय है। बता दें कि ऊना जिला में करीब 35000 हेक्टेयर जमीन पर गेहूं की फसल तैयार होती है। उपनिदेशक जिला कृषि विभाग कुलभूषण धीमान ने बताया कि कुछ दिन में बारिश हो जाए तो वह फसल के लिए वरदान से कम नहीं। शुक्रवार को बारिश होने की प्रबल संभावना है।