शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को जारी किया पत्र, कहा- अवैध परिवहन पर होगा जुर्माना
आने वाले दिनों में सड़कों और स्कूलों में होगा निरीक्षण, वाहनों से जुड़े सभी मानकों की होगी जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। गर्मी के मौसम में जहां बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सभी स्कूलों में छुट्टियां हैं। वहीं, शिक्षा विभाग बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर ऊना में स्कूल वाहनों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाएगा। इसके लिए विभाग ने फील्ड अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने की हिदायत दी है।
इस दौरान जांच चलेगी कि किन स्कूलों में अवैध तरीके से वाहनों का संचालन हो रहा है। ऐसे मामले पाए जाने पर नियमों के तहत कार्रवाई होगी। विशेषकर प्राथमिक स्कूलों में यह मुहिम चलाई जाएगी, ताकि छोटे बच्चों की सुरक्षा को पुख्ता किया जा सके। जानकारी के अनुसार जिला ऊना में 498 सरकारी प्राथमिक स्कूल हैं। वहीं, 135 के आसपास निजी स्कूल हैं। निजी स्कूलों में हर किसी के पास वाहनों से बच्चे लाने और छोड़ने की व्यवस्था है, तो वहीं कुछ सरकारी स्कूलों ने अपने स्तर पर साधन जुटाकर बच्चों के लिए यह सुविधा दी है। वहीं, बीते कुछ समय में स्कूल वाहनों से जुड़े हादसे बढ़े हैं। इसमें अंब में जहां एक निजी स्कूल की बस पलट गई तो वहीं बंगाणा क्षेत्र में एक बच्ची स्कूली बस से गिरकर टायर के नीचे आ गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद ऐसे वाहनों में कितना मानकों का पालन हो रहा, यह सुनिश्चित करना जरूरी हो चुका है।
ये हैं नियम
स्कूल वाहनों के लिए तय नियमों के अनुसार स्कूल वाहन पर पीले रंग का पेंट, संबंधित स्कूल का नाम, शिकायत नंबर सहित अन्य जरूरी जानकारियों अंकित होनी चाहिएं। इसके साथ वाहन चालक के पास लाइसेंस, अच्छा अनुभव और एक वर्दी तय होना जरूरी है। स्कूल वाहन को धीमी गति में चलाने के लिए निर्देश हों। इसमें कोताही मिलने पर अभिभावक शिकायत नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। वाहनों से जुड़े सभी दस्तावेज दुरुस्त होने चाहिएं। क्षमता अनुसार ही वाहनों में बच्चे बैठाए जाएं। कई वाहन चालक इसमें भी लापरवाही करते हैं और कई बच्चे खड़े होकर स्कूल आते और जाते हैं।
स्कूलों में व्यवस्थाएं बनाए रखने में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। स्कूली वाहनों की सुरक्षा बेहद जरूरी होती है। मौसम की विपरीत परिस्थितियों में खस्ताहाल वाहनों में सफर करना खतरे से खाली नहीं है। जांच पड़ताल में अगर कोई वाहन ऐसा पकड़ा जाता है, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
- देवेंद्र चंदेल, उपनिदेशक, जिला प्रारंभिक शिक्षा विभाग