श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर चौकीमन्यार में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा सनते हुए भक्तजन।संवाद
जोल(ऊना) । चौकीमन्यार के श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन शुक्रवार को कथा व्यास आचार्य शिव कुमार शास्त्री ने कहा कि मनुष्य से गलती हो जाना बड़ी बात नहीं, लेकिन ऐसा होने पर समय रहते सुधार और प्रायश्चित जरूरी है। ऐसा नहीं हुआ तो गलती पाप की श्रेणी में आ जाती है। कथा व्यास ने पांडवों की जीवन में होने वाली श्रीकृष्ण की कृपा को बड़े ही सुंदर ढंग से दर्शाया है। कथा व्यास ने कहा कि द्वापर युग में धर्मराज युधिष्ठिर ने सूर्य देव की उपासना कर अक्षय पात्र की प्राप्ति की। इसके बदले प्रकृति में मानव का रक्षण किया। भागवत के श्रोता के अंदर जिज्ञासा और श्रद्धा होनी चाहिए। परमात्मा दिखाई नहीं देता है, वह हर किसी में बसता है। इस अवसर पर कथा स्थल में यजमानों सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थिति रहे। संवाद