ऊना। दिन : वीरवार। समय : सुबह 11:15 बजे। अंतरराजीय बस अड्डा ऊना से चंडीगढ़ जाने वाली एचआरटीसी बस की सीट पर लेटे हुए चालक से एक यात्री ने पूछा, उस्ताद जी... ऐहे बस चंडीगढ़ जाउगी। सीट से उठते हुए चालक ने सामने से जवाब दिया, जाणी तां है वीरा पर किन्ने बजे, ऐहे पता नीं... अज पंजाब बंद है। असीं भी एक घंटे ते खुलने दा इंतजार ही करया करदे। बाकी देखो, क्या बणदा।
सयम : 11:20 बजे आईएसबीटी परिसर में एक किनारे पर खड़ी धर्मशाला-चंडीगढ़ रूट की वोल्वो बस की खिड़की के पास निगम के चालक और परिचालक पंजाब बंद की चर्चा करते हुए बोले, यार तैं तां चंडीगढ़ तक ही जाणा, बद्दी होके चल जा। दूसरे ने बाेला भई ऊपर वाले बोलेंगे तो ले जूंगे पर मुड़के भी तां आणा है, जे शाम तक नहीं खुल्लैया तां असी फस जाणा।
समय : 11:45 बजे सीटीयू की बस का परिचालक चंडीगढ़ के लिए यात्रियों को बुलाने लगा। इस दौरान निगम की बस का परिचालक उसके पास गया और बोला। भाई मेरी बस में चंडीगढ़ के कुछ यात्री हैं, उन्हें ले जाओगे। इतने में सीटीयू परिचालक ने फटाक से जवाब दिया। न भई, मैं अपनी तां ले जाउंगा पर तेरी नहीं, जे अग्गे बंद आलेयां ने रोक लेया फेर।
समय : 12:05 बजे लंबे रूट की निगम की बस के दो यात्रियों और परिचालक में बहस हो गई। एक यात्री ने परिचालक से गुस्से में बोला, तब तुमको पता था कि आज पंजाब बंद है तो टिकट चंडीगढ़ तक क्यों काटी। बेचारा परिचालक बस सफाई देते बोला, मुझे भी नहीं पता था कि आज चंडीगढ़ तक बंद हो जाएगा।
कुछ यात्री तो किराये के रिफंड करने को लेकर भी बहस करते नजर आए। इस दौरान 12:10 बजे कुछ यात्री बस अड्डा इंचार्ज के पास पहुंचे और बस किराया रिफंड करने को कहने लगे। पंजाब बंद के चलते वीरवार को लंंबे रूट की यात्रा करने वाले यात्री परेशान हुए। शाम चार बजे बसों की आवाजाही बहाल हो पाई।
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मैं सरकारी बस में चंबा से चंडीगढ़ के लिए निकली थी लेकिन ऊना पहुंच कर बस वाले ने बताया कि पंजाब बंद के कारण बस आगे नहीं जा पाएगी। मैंने ऊना से चंडीगढ़ का किराया रिफंड करने का कहा तो इन्कार कर दिया। मैं चंडीगढ़ में नौकरी करती हूं लेकिन लगता है अब समय पर नहीं पहुंच पाउंगी।
-तनिष्का, यात्री
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मैं देहरा से सुबह करीब सात बजे दिल्ली जाने वाली बस में बैठा था। दिल्ली में आज ड्यूटी ज्वाइन करनी है लेकिन पंजाब बंद के कारण बसें यहां से आगे नहीं जा रही हैं। अब फंस गया हूं।
-अनिल कुमार, यात्री
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सुबह बद्दी से ऊना काम के लिए आई थी, अब करीब दो घंटे से बद्दी जाने वाली बस का इंतजार कर रही हूं। एक बस काउंटर पर लगी थी, उसने भी बस से नीचे उतार दिया और बोला ये बस नहीं जाएगी। काफी परेशान हो गई हूं। बस किसी तरह नालागढ़ तक पहुंच जाऊं।
-मोनिका शर्मा, यात्री
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मुझे चंडीगढ़ जाना है। दस बजे से बस का इंतजार कर रहा हूं लेकिन बोल रहे हैं, आज पंजाब बंद है तो बसें नहीं जाएंगी। परेशानी तो है अब कुछ देर ओर देखता हूं, नहीं तो घर को वापस लौट जाउंगा।
-मदन शर्मा, यात्री
करनाल जाना है। पहले ट्रेन से जाने की योजना थी लेकिन मुझे जल्दी पहुंचना था तो बस में चढ़ गया। अब फंस गया हूं और परेशान हो गया हूं।
-रिशी राम, यात्री
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दिल्ली जाना है। ट्रेन से रात को देरी से पहुंचते तो सोचा बस से दोपहर के समय पहुंच जाएंगे। इसलिए सुबह 6:45 बजे की बस पकड़ी थी लेकिन पंजाब बंद है तो आगे बसें जा नहीं रहीं है। - करतार सिंह, यात्री
निगम की जिन बसों में यात्रियों ने चंडीगढ़, दिल्ली के टिकट लिए थे, उन सभी बसों को शाम चार बजे आगे के लिए रवाना कर दिया गया। इसके अलावा अन्य डिपो की कुछ लंबे रूट की बसों में यात्रियों का ऊना तक का ही टिकट काटा गया था, वे सभी यात्री सीट की उपलब्धता के अनुसार शाम को चलीं बसों में अपने गंतव्य स्थान के लिए रवाना हो गए। जो बसें सुबह से ऊना में खड़ी थीं, वे सभी ऊना से वापस जाने की समयसारिणी के अनुसार संचलित होंगी।
- राजेश जोशी, कार्यकारी, उपमंडलीय प्रबंधक ऊना डिपो