ऊना। बागवानी विभाग का नया कारनामा सामने आया है। बागवानी विभाग ने प्रदेश में स्थापित किए तीन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) को चलाने के लिए नए पदों का सृजन करने के बजाय जिलों में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के पदों को ही शिफ्ट कर दिया। प्रदेश में स्थापित किए गए तीनों सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए 42 अधिकारियों और कर्मचारियों काे पदों सहित ही स्थानांतरित कर दिया है। इसे लेकर प्रदेश सरकार ने 21 अप्रैल को अधिसूचना जारी की है। जिला ऊना से बागवानी विभाग में स्वीकृत दक्ष माली के दो पदों को समाप्त कर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पालमपुर के लिए स्थानांतरित कर दिया है। इतना ही यहां से आठ बेलदार के पद भी खत्म कर सीओई को स्थानांतरित कर दिए।
ऊना जिला में पहले ही बागवानी विभाग सीमित स्टाफ के सहारे काम चला रहा है। यहां 66 में 44 पद खाली पड़े हैं। ऐसे में सीओई के लिए ऊना से 8 पदों को समाप्त कर दिया गया है। जिला ऊना के उपमंडल हरोली, अंब, गगरेट और ऊना से बेलदार के छह पदों को भी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पालमपुर के लिए स्थानांतरित कर दिया है। ऐसे में अब इस फैसले से जिले के बागवानों में नाराजगी है और विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
जिला में लगभग 6287 हेक्टेयर भूमि पर फलदार पौधोें की खेती हो रही है। दक्ष माली विभाग के तकनीकी कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। फलदार पौधों की प्रुनिंग, नई कलमें तैयार करना, पौधों की कटिंग, नर्सरी प्रबंधन, पौध संरक्षण और बागवानों को तकनीकी मार्गदर्शन देने जैसे काम इन्हीं कर्मचारियों के जिम्मे होते हैं। इनके बिना विभाग की जमीनी सेवाएं प्रभावित होना तय माना जा रहा है।
जिलों से 42 पद किए गए स्थानांतरित
प्रदेश में तीन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए गए हैं, जो कि जिला कांगड़ा के पालमपुर, शिमला के शिलारू और जिला मंडी के सिद्धपुर में स्थापित किए गए हैं। इनके संचालन के लिए नए पदों को सृजित करने के बजाय जिलाें से अधिकारियों और कर्मचारियों को पदों सहित ही स्थानांतरित कर दिया गया। सीओई पालमपुर के लिए 15 पद, शिलारू के लिए 17 पद और सीओई सिद्धपुर के लिए 10 अधिकारियों और कर्मचरियों के पदों को स्थानांतरित किया गया है।
सरकार एक तरफ बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी ओर जिला स्तर पर पदों को समाप्त कर रही है।
-जीतराम, बागवान
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यदि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया गया है तो उसके लिए अलग से पद सृजित किए जाने चाहिए थे। जिला से दक्ष माली के पदों को समाप्त कर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में शिफ्ट करना उचित नहीं है।
-राम सिंह, बागवान
मेरे ध्यान में मामला आया है। शिमला में कृषि मंत्री से मुलाकात कर उनके समक्ष मामले को रखा जाएगा।
- सुदर्शन सिंह बबलू, विधायक चिंतपूर्णी