ऊना। गर्मियों में बढ़ते तापमान के बीच पेयजल की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए जल शक्ति विभाग ने भी कमर कस ली है। विभाग ने फील्ड के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को गर्मी के बीच छुट्टियां रद्द कर दी हैं। फील्ड अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सिर्फ अति आवश्यक कार्य होने पर ही छुट्टियां मिलेंगी।
फील्ड स्टाफ को हर समय पेयजल संबंधित समस्या पर नजर बनाए रखने के लिए कहा है, ताकि गर्मी में आने वाली पेयजल समस्याओं का निदान सही एवं तत्काल किया जा सके। इससे लोगों की पेयजल की बहाली गर्मी के बीच जारी रहे। इस संबंध में जिला के तहत जल शक्ति विभाग के डिविजन की देखरेख कर रहे अधिशासी अभियंताओं को निर्देशित किया गया है। इसके आगे फील्ड अधिकारियों सहित कर्मचारियों से भी संबंध में अपील कर दी गई है।
विभागीय निर्देश से यकीनन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। पेयजल संबंधित समस्या पर समय रहते निदान भी मिल सकेगा। दूसरी ओर किसी स्कीम पर तकनीकी रूप से समस्या आने पर दूसरी साथ लगती पेयजल योजना से भी प्रभावित लोगों को पानी उपलब्ध कराने की योजना के लिए तैयार है।
जिले में है 217 पेयजल योजनाएं
जिला में करीब 217 पेयजल योजनाएं हैं। इसमें व्यापक रूप से पेयजल को लेकर कर्मचारियों की तैनाती की गई है। बाकायदा जल जीवन मिशन के तहत शुरू हुई योजनाओं से जिला में बड़ी आबादी की पेयजल किल्लत समाप्त हुई है। जल शक्ति विभाग के अधिकारियों की माने तो वर्तमान में जिला ऊना में भूजल स्तर सही स्थिति में है। यही वजह है कि बीते कई वर्षों से ऐसी कोई समस्या देखने को नहीं मिली है। तकनीकी समस्या के चलते कई बार समस्या उत्पन्न होती है, उसके लिए भी व्यापक प्रबंध के साथ जल शक्ति विभाग निपटने का दावा कर रहा है।
जिला में वैसे तो पेयजल किल्लत कहीं नहीं है। भूजल का स्तर सही स्थिति में है। किसी भी प्रकार की पेयजल समस्या से निपटने के लिए गर्मियों के दिनों में फील्ड स्टाफ की छुट्टियां रद्द की हैं। केवल जरूरी कार्य के लिए ही उन्हें छुट्टी मिलेगी, ताकि लोगों को पेयजल संबंधित समस्या न हो। -ई. नरेश कुमार धीमान, अधीक्षण अभियंता, जल शक्ति विभाग, ऊना।