अब ड्रोन के माध्यम से खेतों में फसलों के रोगों की पहचान हो सकेगी। ट्रिपल आईटी ऊना के प्रशिक्षु इंजीनियरों ने यह तकनीक निकाली है। इससे रोग मुक्त फसल तैयार करने में मदद मिलेगी। इतना ही नहीं बल्कि ड्रोन के माध्यम से दवा का भी छिड़काव कर सकेंगे। इससे एक फायदा यह होगा कि किसानों को कम मजदूरी और लागत में स्मार्ट खेती का समाधान हो सकेगा।
ट्रिपल आईटी ऊना के प्रशिक्षु इंजीनियरों के अनुसार तीन से चार महीने में यह तकनीक बाजार में उतार दी जाएगी, जोकि कम लागत में किसानों को मुहैया होगी। ट्रिपल आईटी ऊना के टेक्निकल फेस्टिवल ‘मेराकी-2026’ में इस तकनीक के बारे में काफी उत्सुकता के साथ जानकारी जुटाने में प्रशिक्षु इंजीनियर और बाहरी निजी और सरकारी स्कूलों से आए बच्चे पहुंच रहे हैं। ट्रिपल आईटी ऊना के निदेशक प्रोफेसर मनीष गौर के अनुसार नवाचार के इस युग में प्रशिक्षु इंजीनियर नई-नई तकनीक अख्तियार कर रहे हैं और यह तकनीक भी इस दिशा में एक नई पहल है। इसका फायदा किसानों को होगा।