ऊना। हिम सुरक्षा अभियान के तहत अब तक जिले की 27 प्रतिशत आबादी की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इस अभियान के तहत घर-घर जाकर सर्वे किया जा रहा है। इसमें कोरोना समेत अन्य कई प्रकार की बीमारियों के लक्षण के बारे में जानकारी हासिल की जा रही है।
अब तक ऊना जिले में हिम सुरक्षा अभियान के तहत 658 टीबी बीमारी के संदिग्ध मिले हैं। इनके टेस्ट करवाने पर 15 लोगों में टीबी की और 1885 कोरोना संदिग्ध मिले हैं। एहतियातन इनके टेस्ट करवाए हैं। जिला में 48,660 कोरोना टेस्ट किए गए हैं। इसमें से 2309 व्यक्ति पॉजिटिव आए हैं। इनमें से 2051 मरीज स्वस्थ हुए हैं। 232 एक्टिव केसों में से 165 मरीजों का इलाज होम आइसोलेशन में चल रहा है। अब तक कुल 26 लोगों की कोरोना से मौत हुई है।
उपायुक्त राघव शर्मा ने कहा कि जिले में कोरोना संक्रमितों के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं हैं। डेडिकेटिड कोविड हेल्थ सेंटर (डीसीएचसी) हरोली में 30 बेड की क्षमता है। इसमें 5 अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की जा सकती है। इसके अतिरिक्त सीएचसी धुसाड़ा में 20 बेड की व्यवस्था कर इसे कभी डीसीएचसी में तबदील किया जा सकता है। पालकवाह में 40 बेड का मेक शिफ्ट (अस्थायी) कोरोना अस्पताल बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए प्रदेश सरकार से 50 लाख रुपये मिले हैं। डीसीसी खड्ड में 70 बेड की व्यवस्था है।