ऊना। झलेड़ा क्षेत्र के गांव रायंसरी में सोमवार को एक दर्दनाक हादसे में तीन साल की मासूम बच्ची परीक्षा की जान चली गई। बताया जा रहा है कि स्कूल से बच्चों को लाने वाले टेंपो ट्रैवलर चालक की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ।
घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और मोहल्ले में सन्नाटा पसरा रहा। उधर पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी। आरोपी चालक की पहचान बलराम सिंह निवासी घालुवाल तहसील हरोली जिला ऊना के तौर पर हुई।
मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को पहली बार स्कूल गई परीक्षा अपनी बहन के साथ घर लौट रही थी। झलेड़ा में उन्हें स्कूल से आने वाली बस से बिना दस्तावेज वाले टेंपो ट्रैवलर में शिफ्ट किया गया और बस घालुवाल की और चली गई। दोनों बहनें टेंपो ट्रैवल से घर से करीब 100 मीटर दूर उतरीं।
बताया जा रहा है कि चालक ने बच्चों को उतारने के बाद बिना ठीक से देखे वाहन को आगे बढ़ा दिया। उसने बीच रास्ते घर की ओर जा रही दोनों बहनों को नहीं देखा और वाहन का टायर मासूम परीक्षा के ऊपर चढ़ गया। हादसे में गंभीर रूप से घायल हुई परीक्षा को तुरंत उपचार के लिए ले जाया गया लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी।
मासूम की मौत की खबर मिलते ही गांव रायंसरी में मातम का माहौल बन गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि बच्चों को स्कूल से लाने वाला टेंपो ट्रैवलर अवैध रूप से चलाया जा रहा था और उसमें कोई परिचालक भी मौजूद नहीं था। उधर पड़ताल में सामने आया कि टेंपो ट्रैवल की फिटनेस, पॉल्यूशन सहित अन्य दस्तावेज सालों पहले समाप्त हो चुके थे।
स्थानीय लोगों में रामपाल, मीना, लवली, रविंद्र सहित अन्य ने बताया कि झलेड़ा में स्कूल बस से बच्चों को उतारकर चालक अवैध तरीके से टेंपो ट्रैवलर में बैठाकर रायंसरी और आसपास के क्षेत्रों में छोड़ता था। स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि वाहन चालक शराब का आदी है और कई बार लापरवाही से वाहन चलाते देखा गया है। लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हो गई और प्रशासन व संबंधित विभाग इस मामले में अब तक क्यों सोये हुए थे। घटना के बाद स्कूल से बच्चों को लाने वाले बस चालक की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन और वाहन चालकों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाएं दोबारा न हों। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और स्कूल वाहनों के संचालन को लेकर सख्त नियम लागू किए जाएं ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।