बरसात ने छीना आशियाना, अब नई भूमि पर बसाए जाएंगे ग्योड़ा गांव के लोग
ग्योड़ा गांव असुरक्षित घोषित, प्रभावित परिवार सुरक्षित स्थलों पर शिफ्ट
जोगिंद्र देव आर्य
थानाकलां (ऊना)। विकास खंड बंगाणा की पंचायत थड़ा का ग्योड़ा गांव बरसात से हुए भारी नुकसान के कारण अब पूरी तरह असुरक्षित घोषित कर दिया गया है। लगातार हो रहे भूस्खलन और मकानों को पहुंचे गंभीर नुकसान को देखते हुए प्रशासन ने गांव को खाली करवा दिया है और सभी परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर बसाया गया है। प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार पांच परिवारों को वन विभाग के विश्रामगृह और दस परिवारों को राधा स्वामी सत्संग भवन मकरैड़ में शिफ्ट किया गया है। मकरैड़ में रह रहे परिवार सामूहिक रूप से भोजन बना रहे हैं, जबकि विश्रामगृह में ठहरे परिवार अलग-अलग खाना पका रहे हैं। प्रभावित परिवारों की मदद के लिए सामाजिक संस्थाएं भी आगे आई हैं। एक संस्था ने टूथब्रश, टूथपेस्ट सहित अन्य जीवनोपयोगी सामग्री वितरित की है। राशन की कोई कमी नहीं रहने दी गई है। हालांकि प्रारंभ में पीने के पानी की समस्या आई थी, जिसे आईपीएच विभाग ने तुरंत हल कर दिया। प्रशासन के अनुसार, गांव में तीन घर पूरी तरह जमींदोज हो गए हैं, जबकि अन्य मकानों में बड़ी-बड़ी दरारें आ चुकी हैं। बरसात से उजड़े परिवारों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती पुनः अपने घर बसाने की है। वर्तमान में वे अस्थायी ठिकानों में रह रहे हैं और नई भूमि के आवंटन की प्रतीक्षा कर रहे हैं। पंचायत प्रधान गुरनाम सिंह ने कहा कि फिलहाल व्यवस्था ठीक चल रही है, लेकिन प्रभावित परिवारों को शीघ्र आवास उपलब्ध करवाने के लिए प्रशासन को ठोस प्रयास करने होंगे। एडीएम सोनू गोयल ने बताया कि ग्योड़ा गांव अब रहने योग्य नहीं बचा है। प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है और भविष्य में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु ठोस कदम उठाए जाएंगे। कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा ने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही नई भूमि का चयन कर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध करवाया जाएगा।