ऊना। प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से बढ़ाए गए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है। जिले में इस वर्ष 111 किसानों ने 520 क्विंटल प्राकृतिक गेहूं 80 रुपये प्रति किलो की दर से बेचा है। सरकारी खरीद और गारंटी वाले बाजार ने किसानों का प्राकृतिक खेती की ओर रुझान बढ़ाया है।
प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक गेहूं का एमएसपी 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलो, प्राकृतिक मक्की का 40 से बढ़ाकर 50 रुपये प्रति किलो तथा प्राकृतिक हल्दी का समर्थन मूल्य 150 रुपये प्रति किलो निर्धारित किया है। वहीं पहली बार प्राकृतिक अदरक को भी एमएसपी के दायरे में शामिल किया गया है। इससे किसानों को अपनी उपज के बेहतर दाम मिलने का भरोसा मिला है।
आतमा परियोजना ऊना की निदेशक प्यारो देवी के अनुसार जिले में इस वर्ष 111 किसानों से 520 क्विंटल प्राकृतिक गेहूं की खरीद की गई। अब करीब 41.60 लाख रुपये की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। तीन वर्षों में जिले के 9393 किसान राजीव गांधी प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना से जुड़े हैं।
पिछले वर्ष जिले में 39 किसानों से 416 क्विंटल प्राकृतिक गेहूं और 33 किसानों से 196 क्विंटल प्राकृतिक मक्की खरीदी गई थी। इसके अलावा 6.42 क्विंटल प्राकृतिक हल्दी की खरीद भी की गई थी, जिसके लिए किसानों को निर्धारित समर्थन मूल्य के अनुसार भुगतान किया गया।
गगरेट क्षेत्र के किसान जोगिंद्रपाल शर्मा का कहना है कि गेहूं के बढ़े हुए दामों से किसानों का उत्साह बढ़ा है। वहीं भंजाल गांव की महिला किसान अनिता कुमारी ने बताया कि शुरुआती चुनौतियों के बावजूद अब उत्पादन और आय दोनों में सुधार देखने को मिल रहा है।
उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकारी खरीद और बढ़े हुए एमएसपी से जिले में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है और किसान आत्मविश्वास के साथ इस खेती को अपना रहे हैं।