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सरकार खुदरो दरखतान में किसानों को दिलाए उनका हक : कंवर

Sun, 30 Jun 2024 12:56 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
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ऊना में पूर्व मंत्री विरेंद्र कंवर प्रैसवार्ता करते हुए।संवाद
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पूर्व कृषि मंत्री बोले- एक वर्ष के अंदर मैनेजमेंट प्लान नहीं बना तो करेंगे आंदोलन
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। प्रदेश भाजपा वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं पूर्व कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि अगर सरकार एक वर्ष के भीतर किसानों को खुदरो दरखतान मलकियत हक दिलाने में नाकाम रही तो प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा। शनिवार को भाजपा कार्यालय ऊना में पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द मैनेजमेंट प्लान बनाकर खुदरो दरखतान भूमि में खैर और चीड़ के पेड़ों का मालिकाना हक किसानों को दिया जाए।
उन्हाेंने कहा कि वर्ष 1913-19 के दौरान वनों की बढ़ोतरी के लिए खुदरो दरखतान मलकियत सरकार भूमि प्रथम बार रिकाॅर्ड में दर्ज हुई थी। इस प्रकार की भूमि में भू-मालिक को पेड़ों के कटान का अधिकार नहीं था और सरकार द्वारा ही इस भूमि पर पेड़ काटे जा सकते हैं। इस प्रकार की भूमि प्रदेश के कांगड़ा, पालमपुर, नूरपुर, देहरा, हमीरपुर और ऊना वन मंडलों में दर्ज है। वर्ष 1968 में किसानों द्वारा इस राजस्व एंट्री को खत्म करने की मांग उठाई गई थी।
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1999 में पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल की सरकार ने इस प्रकार की भूमि के पेड़ों का मालिकाना हक भूमालिकों को दिया था, जो 2012 तक चलता रहा। वर्ष 2013 में भारत सरकार की एक कमेटी ने खुदरो दरखतान भूमि में फॉरेस्ट कंजर्वेशन एक्ट 1980 लागू करने की सिफारिश की थी। इसके उपरांत भारत सरकार ने वर्किंग प्लान के अधीन न आने वाली भूमि के लिए मैनेजमेंट प्लान बनाने के निर्देश दिए थे। मैनेजमेंट प्लान के तहत ही पेडों का कटान इस प्रकार की भूमि पर किया जाना था, जिसका सीधा लाभ भू-मालिक किसानों को मिलता। कंवर ने कहा कि सरकार द्वारा मैनजमेंट प्लान तैयार न किए जाने से किसानों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस मैनेजमेंट प्लान के बनने से 32000 हेक्टेयर से प्रतिवर्ष औसतन तीन लाख वृक्ष किसानों को उपलब्ध होंगे, जिनका बाज़ार मूल्य लगभग 300 करोड़ रुपये है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि मैनेजमेंट प्लान तैयार न करके सरकार हर वर्ष किसानों के हक के 300 करोड़ का नुकसान कर रही है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यदि यह हक किसानों को मिलेगा तो खैर माफिया भी ख़त्म होगा और भू-मालिक किसान वनों के संरक्षण में भी अपना योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को जल्द ही इस मामले में विभाग को उचित निर्देश देकर मैनेजमेंट प्लान तैयार करवाना चाहिए। वीरेंद्र कंवर ने कहा है कि किसानों के हक की लड़ाई के लिए भाजपा हर स्तर पर संघर्ष करेगी और चेतावनी दी है कि यदि सरकार एक वर्ष के भीतर इस ओर कोई कदम नहीं उठाती है तो सरकार के खिलाफ प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। इस अवसर पर भाजपा जिला महामंत्री राज कुमार पठानिया समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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