मूल अधिकारों से वंचित संगठन को सम्मान देने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
भरवाईं(ऊना)। हिमाचल प्रदेश गृह रक्षक कल्याण संघ के अध्यक्ष जोगिंदर सिंह चौहड़िया ने बताया कि हिमाचल होमगार्ड अपना 63वां स्थापना दिवस मना रहा है। संगठन की शुरुआत 6 दिसंबर 1946 को हुई थी, जबकि हिमाचल में इसकी नींव 6 दिसंबर 1962 को पड़ी। नियमों के अनुसार स्वयंसेवक भारतीय नागरिक, हिंदी पढ़-लिख सकते हों, शारीरिक रूप से फिट और किसी व्यवसाय से जुड़ा होना अनिवार्य है। ड्यूटी के दौरान होमगार्ड को सरकारी कर्मचारी माना जाता है।
चौहड़िया ने कहा कि अब संगठन का मूल स्वरूप बदल गया है। पहले इसमें विभिन्न पेशेवर नागरिक शामिल थे, लेकिन अब भर्ती सेना और पुलिस जैसी शारीरिक परीक्षा पर आधारित है, जिससे आम नागरिकों की भागीदारी कम हो गई है। साथ ही, सरकारी कर्मचारी होने के बावजूद होमगार्डों को पेंशन, भविष्य निधि, अवकाश और चिकित्सा जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्हें 60 वर्ष तक विभिन्न ड्यूटी पर नियमित तैनात किया जा रहा है, जो संगठन की मूल अवधारणा के विपरीत है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि 63वें स्थापना दिवस पर होमगार्डों को सभी सुविधाएं और लाभ दिए जाएं।