ऊना। भाजपा कर्मचारी प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों ने प्रदेश सरकार पर कर्मचारियों और पेंशनरों से किए गए वादे पूरे न करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री ने पेंशन संबंधी गारंटी दी थी लेकिन कई विभागों में आज भी कर्मचारियों को पेंशन का लाभ नहीं मिल पाया है और वे लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। भाजपा प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक कुलदीप दयाल, ऊना मंडल संयोजक राजीव वशिष्ट, पूर्व कर्मचारी नेता यशपाल रायजादा, किशन चंद ठाकुर, प्रकाश ठाकुर, हरगोविंद, अजय पराशर, शिव मैहन, हरदीप ठाकुर, किशोरी लाल व शशिपाल ने संयुक्त रूप से कहा कि कांग्रेस समर्थित कर्मचारी नेता यह भ्रम फैला रहे हैं कि भाजपा सरकार बनने पर ओपीएस बंद कर दी जाएगी। उन्होंने दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री के बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है जबकि उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों से झूठे वादे कर रही है। वर्ष 2016 से 2022 तक के एरियर का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ता 60 प्रतिशत तक पहुंचा दिया है जबकि प्रदेश सरकार अभी भी 45 प्रतिशत डीए ही दे रही है। साथ ही पूर्व की डीए किस्तों का एरियर भी लंबित है। नेताओं ने आरोप लगाया कि चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों का भुगतान नहीं हो रहा है और विभिन्न मदों में सेस लगाकर आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। अब सरकार ने बिजली बिल में फ्यूल सेस जोड़ दिया है। भाजपा नेताओं ने कहा कि पहले बिजली अपेक्षाकृत सस्ती थी लेकिन अब उपभोक्ताओं को अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है।