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हर चुनौती का सामना कर छात्राएं सपनों को दें उड़ान : रेखा जमवाल

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कहा, सशक्त महिलाएं ही सशक्त समाज का करती हैं निर्माण
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डॉ. हरप्रीत कौर बोलीं- स्वस्थ शरीर और मस्तिष्क भविष्य की नींव
संवाद न्यूज एजेंसी
घनारी (ऊना)। राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चलेट में अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम में विद्यार्थियों को अधिकारों और शिक्षा के प्रति जागरूक किया गया। किशोरियों और छात्राओं को स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी साझा की गई। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीशक्ति एनजीओ की चेयरपर्सन रेखा जमवाल ने किशोरियों को उनके अधिकारों, शिक्षा के महत्व, जालसाजों से कैसे बचा जाए, आत्मनिर्भरता और समाज में सकारात्मक योगदान देने के विभिन्न तरीकों पर जागरूक किया। कहा कि सशक्त महिलाएं ही एक सशक्त समाज का निर्माण करती हैं। छात्राओं को अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करते हुए उन्हें हर चुनौती का डटकर सामना करने की सीख दी। कार्यक्रम में सीएचसी गगरेट की चिकित्साधिकारी डॉ. हरप्रीत कौर ने छात्राओं को स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी दी। उन्होंने किशोरावस्था के दौरान होने वाले शारीरिक और मानसिक बदलावों, पोषण के महत्व, मासिक धर्म स्वच्छता, तनाव प्रबंधन और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम के उपायों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि एक स्वस्थ शरीर और मस्तिष्क उनके भविष्य की नींव है। प्रधानाचार्य बालक राम और पूर्व प्रधानाचार्य राम पाल ने अमर उजाला फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में मददगार साबित होते हैं। उन्होंने महिला सशक्तीकरण के लिए उठाए गए कदमों को प्रशंसनीय बताया। अपराजिता कार्यक्रम महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक सकारात्मक और प्रेरणादायक कदम है। इस अवसर पर डॉ. रितिका पराशर, अरविंद डढवाल तथा रेनू चौधरी के अलावा बच्चे, अध्यापक मौजूद रहे।
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अक्षरा चौधरी का कहना है कि कार्यक्रम में स्वास्थ्य के बारे में जानकारी मिली और किशोरावस्था में जो बदलाव आते हैं, इसकी भी जानकारी मिली।
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कोमल का कहना है कि कार्यक्रम में बच्चों को सोशल मीडिया से दूरी बनाकर अपना ध्यान पढ़ाई पर फोकस करने की प्रेरणा मिली।
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चंद्रिका का कहना है कि कार्यक्रम में पोक्सो एक्ट के बारे में जागरूक किया गया और उत्पीड़न करने पर सहन करने के बजाय आवाज उठाने की प्रेरणा मिली।
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मनीषा का कहना है कि कार्यक्रम में शिक्षित होकर अपने अधिकारों के लिए लड़ने की प्रेरणा मिली ताकि महिलाएं अपने हक को पा सकें।
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महिमा का कहना है कि कार्यक्रम में बच्चों को रील न बनाने और विद्यार्थी जीवन में अपने लक्ष्य पर ध्यान देने और बुरी संगत से दूर रहने की प्रेरणा मिली।

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रिद्धिमा कौशल का कहना है कि कार्यक्रम से कमजोरियों को ताकत बनाने की प्रेरणा मिली। अपने परिजनों की इच्छाओं को नहीं रौंदना चाहिए। उनका सपना साकार करने के लिए सम्मान करना चाहिए।
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