नंगल। वीरवार को सेंट सोल्जर डिवाइन पब्लिक स्कूल नंगल में जहरीली गैस के रिसाव मामले में नौ सदस्यीय जांच कमेटी ने पड़ताल शुरू कर दी है। शुक्रवार को कमेटी सदस्यों ने प्रभावित क्षेत्र में हवा और मिट्टी के सैंपल लिए। यह पता लगाया जा रहा है कि आखिर गैस का रिसाव कहां से हुए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं से बचा जा सके।
जानकारी के अनुसार घटना की जांच के लिए नौ सदस्यों वाली टीम का गठन किया गया। इसमें एडीएसी रूपनगर हरप्रीत कौर, एसडीएम मनीषा राणा और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पंजाब के अधिकारी शामिल हैं। हाई टेक्नोलॉजी उपकरणों के साथ हवा और मिट्टी इत्यादि के सैंपल लिए जा रहे हैं। एसडीएम मनीषा राणा ने कहा कि नौ सदस्यों वाली कमेटी यह जानने के प्रयास में है कि आखिर गैस का रिसाव किस कंपनी से हुआ और यह कौन सी गैस थी। उन्होंने कहा कि हवा और मिट्टी के सैंपल लेकर जांच हेतु भेजे जा चुकी है। शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस के सख्त दिशा निर्देश हैं कि जो भी इस लापरवाही में जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। ध्यान रहे गैस की चपेट में आने 24 बच्चों और आठ शिक्षकों की तबीयत बिगड़ गई। इससे स्कूल में अफरा तफरी फैल गई। इसके घटना के बाद शुक्रवार को स्कूल में माहौल बिल्कुल शांत रहा। स्कूल में कुछ दिनों के लिए छुट्टी की घोषणा की हुई। हालांकि स्कूल के डायरेक्टर के अलावा पूरा स्टाफ स्कूल में ही मौजूद रहा।
सिविल अस्पताल में भर्ती छात्रों और अध्यापकों को मिली छुट्टी
सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉ. परेश कुमार ने बताया कि जहरीली गैस की चपेट मे आने के बाद नंगल सिविल अस्पताल में भर्ती करवाए गए सभी 32 बच्चों व अध्यापकों को वीरवार देर शाम ही अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इसके अलावा अधिक तबीयत खराब होने के कारण पीजीआई रेफर की गई रूही राणा भी पूरी तरह ठीक हो कर वापस घर आ चुकी है।
ग्रामीणों ने दिया धरना
शुक्रवार को नंगल के साथ लगते हिमाचल प्रदेश के ग्रामीणों ने प्राइमो केमिकल के मुख्य गेट के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने उक्त इकाई से ही गैस रिसाव होने का आरोप लगाया। हालांकि गैस कहां से लीक हुई और वह कौन सी गैस थी, इसकी जांच चली हुई है।