गगरेट (ऊना)। गगरेट बाजार में कारोबार इन दिनों मंदी के दौर से गुजर रहा है। बाजार में दुकानों पर सामान सजा हुआ है लेकिन ग्राहकों की खरीदारी पहले जैसी नहीं रही। महंगाई के चलते लोगों का बजट बिगड़ा हुआ है। वहीं, ऑनलाइन खरीदारी के बढ़ते चलन ने स्थानीय दुकानदारों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। व्यापारियों का कहना है कि ग्राहकों की संख्या बाजार में दिखाई देती है लेकिन खरीदारी में पहले जैसी तेजी नहीं है।
गगरेट आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए प्रमुख व्यापारिक केंद्र है। क्षेत्र के लोग कपड़े, जूते, किराना, इलेक्ट्रॉनिक्स, हार्डवेयर, टाइल, मार्बल व घरेलू सामान सहित अन्य जरूरतों की खरीदारी के लिए गगरेट बाजार पहुंचते हैं। इसके बावजूद पिछले कुछ समय से बाजार में कारोबार को लेकर व्यापारी चिंतित हैं। व्यापारियों को अब आगामी त्योहारी सीजन से उम्मीदें हैं। उनका कहना है कि त्योहारों के दौरान कपड़े, जूते, इलेक्ट्रॉनिक्स, घरेलू सामान और सजावटी वस्तुओं की खरीदारी बढ़ती है। इससे बाजार में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ने और कारोबार को गति मिलने की उम्मीद है। यदि त्योहारी सीजन में बाजार में ग्राहकों की संख्या बढ़ती है तो पिछले कुछ समय से चल रही मंदी से कुछ राहत मिल सकती है।
गगरेट बाजार में व्यापार पहले की तरह नहीं रहा है। महंगाई की मार सभी पर है और इसका असर लोगों की खरीदारी पर भी दिखाई दे रहा है। पहले ग्राहक जरूरत के साथ-साथ अन्य सामान की भी खरीदारी कर लेते थे लेकिन अब लोग अपने बजट को देखते हुए केवल जरूरी वस्तुओं पर ही खर्च कर रहे हैं। ऐसे में दुकानदारों के लिए दुकान का किराया, बिजली, कर्मचारियों का खर्च और सामान की बढ़ती कीमतों के बीच कारोबार को बनाए रखना चुनौती बनता जा रहा है।
-विकास शर्मा, व्यापारी, गगरेट
ग्राहक अब बाजार में सामान देखने के साथ-साथ मोबाइल पर उसकी कीमत ऑनलाइन भी जांचते हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर मिलने वाली छूट और ऑफर के कारण स्थानीय दुकानदारों के लिए प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल हो रहा है। स्थानीय दुकानदार ग्राहक को सामान दिखाने, उसकी गुणवत्ता समझाने और बिक्री के बाद की सेवा देने के बावजूद ऑनलाइन कंपनियों से मुकाबला करने के लिए मजबूर हैं। ऑनलाइन खरीदारी का चलन लगातार बढ़ने से छोटे कारोबारियों की बिक्री प्रभावित हो रही है।
-अरविंद चक्रवर्ती, व्यापारी, गगरेट