डॉ. सुमन जायसवाल
नंदपुर (ऊना)। अंब के प्रताप नगर निवासी डॉ. सुमन जायसवाल अपने पेशे के माध्यम से समाज सेवा का उदाहरण पेश कर रही हैं। दिवंगत पिता के सपने को साकार करते हुए उन्होंने डेंटल डॉक्टर बनकर न केवल मरीजों का उपचार किया बल्कि लोगों को मुंह और दांतों की स्वच्छता के प्रति जागरूक करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
मूल रूप से मंडी गोबिंदगढ़ (जिला फतेहगढ़ साहिब) की रहने वाली डॉ. सुमन ने मानसा डेंटल कॉलेज से फरीदकोट विवि के तहत डेंटिस्ट्री की पढ़ाई पूरी की। वह बताती हैं कि डेंटिस्ट बनना उनके स्वर्गीय पिता का सपना था और उसी को पूरा करने के लिए उन्होंने हमेशा प्रेरित किया। शुरुआत में यह क्षेत्र नया होने के कारण उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा लेकिन पिता और परिवार के सहयोग ने उन्हें आगे बढ़ने का हौसला दिया। उन्होंने अक्तूबर 2016 में जिला हमीरपुर के पीएचसी पटलांदर में बतौर डेंटल सर्जन अपनी सेवाएं शुरू कीं। इसके बाद वर्ष 2019 में उनका तबादला नागरिक अस्पताल अंब में हुआ, जहां वह वर्तमान में मेडिकल ऑफिसर (डेंटल) के पद पर तैनात हैं। डॉ. सुमन ने कई मरीजों में समय रहते ओरल कैंसर के लक्षणों की पहचान कर उन्हें उचित उपचार के लिए भेजा। अब तक वह करीब छह से सात मरीजों में मुंह के कैंसर की पहचान कर चुकी हैं, जिनकी समय पर सर्जरी और उपचार से उनकी जान बच सकी।
उन्होंने बताया कि एक मरीज को खाने और बोलने में परेशानी हो रही थी। जांच के दौरान उन्हें ‘स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा ऑफ बुक्कल म्यूकोसा’ के लक्षण दिखाई दिए। उन्होंने तुरंत मरीज को जांच कराने की सलाह दी जिसमें कैंसर की पुष्टि हुई। बाद में सर्जरी के बाद मरीज स्वस्थ हो गया। मरीज के परिवार की खुशी देखकर उन्हें अपने काम पर गर्व और संतोष महसूस हुआ। डॉ. सुमन ने जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों, स्कूलों और कॉलेजों में जाकर लोगों को दांतों और मसूड़ों की सफाई, सही तरीके से ब्रश करने और मुंह की स्वच्छता बनाए रखने के बारे में भी जागरूक किया है। कोविड-19 महामारी के दौरान भी उन्होंने ब्लॉक अंब में कोविड नोडल अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी निभाई। उनके पति डॉ. यशपाल पीएचसी मरवाड़ी में डेंटल सर्जन हैं।