लडोली स्कूल में सेवाएं दे रहे हजारा सिंह, एक भी दिन नहीं की छुट्टी
संवाद न्यूज एजेंसी
नारी (ऊना)। अंब क्षेत्र के गांव ठठल निवासी हजारा सिंह ने 31 मार्च 2006 को राजकीय प्राथमिक पाठशाला लडोली, ब्लॉक अंब से सेवानिवृत्ति ली। लेकिन बच्चों का भविष्य संवारने का उनका जुनून यहीं नहीं थमा। अप्रैल 2006 से अब तक यानी पिछले 20 वर्षों से वे बिना एक भी दिन छुट्टी लिए उसी विद्यालय में बच्चों को निशुल्क शिक्षा दे रहे हैं। 78 वर्ष की उम्र में भी उनके पढ़ाने के उत्साह और तरीके में कोई कमी नहीं आई है। विद्यालय के अन्य अध्यापकों के अनुसार हजारा सिंह रोज़ाना स्कूल खुलने से आधा घंटा पहले पहुंचते हैं, पूरे परिसर की साफ-सफाई की व्यवस्था खुद देखते हैं और बच्चों के लिए पीने के पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करते हैं। हजारा सिंह कहते हैं -सेवानिवृत्ति के बाद से लगातार बच्चों को पढ़ा रहा हूं। यदि किसी दिन विद्यालय न जाऊं तो लगता है जैसे जीवन का कोई जरूरी कार्य अधूरा रह गया हो। उन्होंने बताया कि हाल ही में उप-शिक्षा निदेशक प्रारंभिक शिक्षा अचानक विद्यालय आए और विशेष रूप से उनसे मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा -मैं स्कूल का निरीक्षण करने नहीं, बल्कि आपके बारे में सुनकर मिलने आया हूं।
केंद्र मुख्य शिक्षिका अनिता कुमारी के अनुसार हजारा सिंह की निशुल्क सेवाओं से बच्चों की पढ़ाई में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और अध्यापकों की कमी भी दूर हुई है। उनका पढ़ाने का जुनून उम्र के इस पड़ाव पर भी अडिग है। लडोली पंचायत के प्रधान बलविंदर सिंह का कहना है कि बिना किसी स्वार्थ के 20 वर्षों तक पूरे दिन बच्चों को पढ़ाना अपने आप में एक मिसाल है। क्षेत्रवासी हजारा सिंह के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करते हैं।