ऊना। संतोषगढ़ क्षेत्र के एक युवक के साथ एसबीआई और उसके बाद रेलवे में चपरासी की पक्की नौकरी दिलाने के नाम पर सात लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। मामले में युवक ने एक पुलिसकर्मी सहित चार लोगों पर धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं।
युवक ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) ऊना और उपायुक्त (डीसी) के नाम शिकायत पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।
शिकायतकर्ता नीतीश कुमार निवासी वार्ड-दो, संतोषगढ़ तहसील ऊना ने शिकायत में बताया कि उसे एक संगठित ठग गिरोह द्वारा सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी का शिकार बनाया गया।
पूरे प्रकरण में मुख्य भूमिका पुलिस विभाग में कार्यरत कांस्टेबल जितेंद्र उर्फ बिल्ला हाल तैनाती पुलिस लाइन झलेड़ा की रही, जिसने उसे यह कहकर फंसाया कि वह मुझे भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में चपरासी और रेलवे में नौकरी दिलवा सकता है। इसके अलावा गिरोह में मुकेश वर्मा निवासी कांगड़ तहसील हरोली जिला ऊना, जिसने स्वयं को कृषि अधिकारी का कर्मचारी बताया। वही रीवा जिसने स्वयं को एसबीआई में अधिकारी बताया और सुमित उर्फ कटारिया, संजीव, धनंजय तिवारी भी इस फर्जीवाड़े में शामिल रहे।
नीतीश कुमार ने बताया कि आरोपी लगातार फोन के माध्यम उसके साथ जुड़े रहे और नौकरी के सिलसिले में चंडीगढ़ में भेजा। युवक ने बताया कि चंडीगढ़ में उसकी मुलाकात साहिल खान उर्फ हनी से करवाई गई, जिसने स्वयं को नौकरी का एजेंट बताया।
इसके बाद आरोपियों ने उसे लुधियाना, दिल्ली, हरियाणा के टोहाना और गुड़गांव आदि स्थानों पर बुलाया। इस दौरान उसे फर्जी साक्षात्कार, मेडिकल, प्रशिक्षण और नियुक्ति पत्र दिखाकर नकद और ऑनलाइन माध्यमों से करीब सात लाख रुपये की ठगी की।