फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Una News: कड़ाके की ठंड में कैंट गोशाला में उपचारित चार और गायों की मौत

विज्ञापन
विज्ञापन
करीब एक महीने से दवाइयां और टीकों के सहारे जीवन और मृत्यु की लड़ रही थी जंग
विज्ञापन

विधायक सुदर्शन बबलू कैंट गोशाला की घटना से नहीं वाकिफ
नई कमेटी के गठन के बाद कैंट गोशाला में सुधारी जा रहीं व्यवस्थाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
नारी (ऊना)। चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाली ग्राम पंचायत चौकी खास की गोशाला कैंट में जीवन और मृत्यु की जंग लड़ रहीं गंभीर बीमारी से पीड़ित चार और गायों ने शनिवार रात को दम तोड़ दिया है। तकरीबन एक माह तक उपचार के बावजूद गायों को बचाया नहीं जा सका। अब तक कैंट गोशाला में 10 गायों की मौत हो चुकी है। वहीं, विधायक सुदर्शन बबलू इस घटना से अनभिज्ञ हैं। 16 दिसंबर को गोशाला में अव्यवस्था और खुले आसमान के नीचे कड़ाके की ठंड में गायों की मौत के मामले को प्रमुखता से उठाया था। हाईकोर्ट ने भी मामला प्रकाशित होने की बाद स्वयं कड़ा संज्ञान लिया। उसके बाद आनन-फानन में कमेटी बदली गई। नई कमेटी का गठन किया गया। प्रशासन की ओर से एसडीएम बंगाणा की ओर से मौके पर जायजा लेने के बाद स्थिति बदली है। कैंट गोशाला कमेटी के प्रधान सतेंद्र शर्मा ने बताया कि वर्तमान में गोशाला की दशा में काफी सुधार किया जा रहा है। तमाम सुविधाएं जुटाने के लिए नवगठित कमेटी प्रयासरत है। गायों के लिए हरा चारा, चोकर, खल, पानी की व्यवस्था की गई है। वर्तमान में गोशाला में 80 के करीब गोवंश है।
गोशाला में केवल एक दुर्घटना में घायल गाय का इलाज चल रहा है। इलाज चौकी खास के वेटरनरी चिकित्सक कर रहे हैं। उन्होंने एक फार्मासिस्ट हर रोज गोशाला के लिए लगाया हुआ है।
विज्ञापन

नायब तहसीलदार जोल अश्वनी कुमार धीमान का कहना है कि ये गउएं पहले से ही गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं। 16 दिसंबर को गोशाला में बेहोश अवस्था में पड़ी थीं। लगातार पशु चिकित्सक की निगरानी में देखरेख की जा रही थी। कडाके की ठंड में गोवंश ने दम तोड़ दिया है।

बाक्स

कमेटी में प्रधान सतेंद्र शर्मा, बीडीसी मेंबर सुनीता देवी, महासचिव अश्वनी कुमार और जीवन बाली वरिष्ठ उपाध्यक्ष, ग्राम पंचायत प्रधान संजय कुमार सलाहकार, राजेंद्र डोगरा कैशियर तथा सतीश शर्मा मीडिया प्रभारी के तौर पर शामिल हैं।
विज्ञापन


बाक्स

कमेटी के नए प्रधान सतेंद्र शर्मा का कहना है कि सभी कमेटी के सदस्यों को एक दिन इकट्ठे होना चाहिए। पिछला हिसाब किताब पिछले प्रबंधक से लेना भी जरूरी है और आगे के लिए गोशाला का सारा हिसाब रखने में पारदर्शिता आएगी। गोशाला में 80 गोवंश है, जो तंदुरुस्त है। उन्हें हरा चारा भी दिया जा रहा है। ठंड से भी बचाव कर लिया गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें