गगरेट(ऊना)। नगर पंचायत गगरेट में बुधवार को रखी गई बैठक का चार पार्षदों ने बहिष्कार कर अपना विरोध जताया है। यह विवाद उस समय और बढ़ गया, जब नगर पंचायत गगरेट में बस अड्डा पर्ची की नीलामी प्रक्रिया को लेकर आयोजित बैठक में कोरम पूरा न होने के बावजूद प्रक्रिया पूरी कर दी गई। नगर पंचायत गगरेट में बुधवार को बस अड्डा नीलामी की प्रक्रिया को लेकर बैठक आयोजित की गई। जिस फर्म ने पहले टेंडर लिया था, उसने कोविड का हवाला देकर टेंडर सरेंडर कर दिया और नगर पंचायत को लिखित में सूचना देकर टेंडर पूरा करने में असमर्थता जाहिर की।
इसके चलते नगर पंचायत ने नीलामी की प्रक्रिया को बुधवार को दोबारा पूरा करने के लिए सदस्यों की बैठक बुलाई लेकिन तीन सदस्यों की उपस्थिति में ही नीलामी प्रक्रिया को पूरा कर दिया गया। हालांकि बस अड्डा फीस की नीलामी पहले 9 लाख 51 हजार रुपये में तय हुई थी, लेकिन उक्त फर्म द्वारा टेंडर सरेंडर कर दिया गया और अब 5 लाख 10 हजार में बिना कोरम पूरा किए ही नीलामी प्रक्रिया को पूरा कर दिया गया। जब मामले की जानकारी बैठक में अनुपस्थित रहे पार्षदों को मिली तो वह नगर पंचायत सचिव की कार्यप्रणाली पर भड़क गए। मामला मीडिया में आने के बाद नगर पंचायत सचिव ने आनन-फानन नीलामी प्रक्रिया को रद्द कर दिया।
नगर पंचायत गगरेट की सचिव आशा राणा ने बताया कि अड्डे की नीलामी 5 लाख 10 हजार में की गई, कोरम पूरा था। विवाद बढ़ने के बाद कोरम पूरा न होने के चलते बस अड्डा गगरेट की नीलामी प्रक्रिया रद्द कर दी गई है। डीसी ऊना राघव शर्मा ने बताया कि बिना कोरम पूरा किए नीलामी प्रक्रिया शुरू करना नियमों के विपरीत है। अगर ऐसा हुआ है तो गलत है। मामले की जांच की जाएगी। यदि किसी सदस्य की गलत उपस्थिति या हस्ताक्षर करवाए गए हैं तो उसकी जांच की जाएगी।