खेतों में 1111 अमरूद के पौधे लगा कर रहे बागवानी
बागवानी के लिए उद्यान विभाग से मिला 80 प्रतिशत अनुदान
संवाद न्यूज एजेंसी
बुधान (ऊना)। भारतीय सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद अधिकांश लोग घर में आराम करते हैं वहीं कठोह गांव के राजीव कुमार युवाओं को स्वरोजगार की राह दिखा रहे हैं। उन्होंने बागवानी की राह चुनकर न केवल खुद को व्यस्त रखा बल्कि युवाओं को प्रेरणादायक संदेश भी दिया। उन्होंने बताया कि अपने खेत में 1111 अमरूद के पौधे लगाए हैं। ये पौधे उद्यान विभाग की सहायता से प्राप्त किए हैं। इस योजना में उद्यान विभाग की ओर से अस्सी प्रतिशत लागत वहन की गई। जबकि, बीस प्रतिशत खर्च उन्होंने स्वयं किया। सरकारी सहयोग उन्हें आधुनिक बागवानी तकनीकों से जुड़ने और अपनी खेती को व्यावसायिक रूप देने में मददगार साबित हुआ। इन पौधों की समय-समय पर देखभाल और सिंचाई करना अत्यंत आवश्यक है। इस कार्य के लिए में वे किसी और पर निर्भर नहीं रहते, बल्कि स्वयं ही पूरी जिम्मेदारी निभाते हैं। सैनिक अक्सर अपने कार्य को खुद करने में ही विश्वास रखते हैं। राजीव कुमार ने कहा कि युवाओं को खेतीबाड़ी और बागवानी जैसे क्षेत्रों की ओर आकर्षित होकर आत्मनिर्भर बनना चाहिए। यह भी सुझाव दिया कि सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाकर युवा कृषि क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल कर सकते हैं। आजकल कई युवा अपने मार्ग से भटक कर गलत कार्य कर रहे हैं और कई युवा नशे की ओर अग्रसर है। चिट्टे का नशा और कारोबार कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं को इस भयंकर नशे से दूर रहकर अपना स्वरोजगार अपनाने की नसीहत दी। ।