कहा, व्यास देव के परिवार को सरकारी नौकरी में दी जाए प्राथमिकता
बच्चों को शिक्षा और रोजगार में मिले विशेष सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ूही (ऊना)। पूर्व केंद्रीय अर्धसैनिक कल्याण संघ ऊना इकाई की टीम सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के उप निरीक्षक व्यास देव से मिलने उनके घर बाथू पहुंची। जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान के खिलाफ चले ऑपरेशन सिंदूर में अदम्य साहस और वीरता का परिचय देते हुए व्यास देव को अपनी टांग गंवानी पड़ी। टीम का नेतृत्व सरवन सिंह, सेवानिवृत्त सहायक कमांडेंट (सचिव, हिमाचल प्रदेश) ने किया। व्यास देव अभी छुट्टी लेकर घर आए हुए हैं। उप निरीक्षक व्यास देव ने पाकिस्तान की फर्स्ट लाइन ऑफ डिफेंस पर दुश्मन की चौकियों को नेस्तनाबूद कर दिया था और पाक ड्रोन गिराने में भी सफलता हासिल की थी। यह कार्रवाई उनके नेतृत्व में 9 और 10 मई की दरम्यानी रात को हुई। इस दौरान वे वीरता से लड़ते हुए गंभीर रूप से घायल हो गए और उपचार के दौरान उनकी एक टांग काटनी पड़ी। व्यास देव का जज्बा और देशभक्ति आज भी उतनी ही बुलंद है। उन्होंने कहा कि यदि दुश्मन फिर कोई गलती करता है तो वे फिर देश की रक्षा के लिए सीमा पर डट जाएंगे। इस वीर योद्धा के अद्भुत साहस और बलिदान को देखते हुए पूर्व अर्धसैनिक संगठन ने हिमाचल प्रदेश सरकार से अपील की है कि उपनिरीक्षक व्यास देव के परिवार को सरकारी नौकरी में प्राथमिकता दी जाए। उनके बच्चों को शिक्षा और रोजगार में विशेष सुविधा मिले। साथ ही अन्य सरकारी सहायता भी शीघ्र उपलब्ध करवाई जाए। इस अवसर पर संगठन के अन्य वरिष्ठ सदस्य जोगिंदर लाल, सुखचैन सिंह, अमीर हुसैन, धर शर्मा, राम राकेश, सरजीवन कुमार, अशोक कुमार और अन्य लगभग 20 सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने व्यास देव की वीरता की सराहना की और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।