वरिष्ठ सिविल जज अनीता शर्मा ने कानूनी अधिकारों पर किया मार्गदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
बंगाणा (ऊना)। खंड विकास कार्यालय बंगाणा में महिला सशक्तीकरण पर विधान से समाधान पर कानूनी जागरूकता कार्यशाला लगाई गई। अध्यक्षता वरिष्ठ सिविल जज ऊना अनीता शर्मा ने की। इस दौरान घरेलू हिंसा अधिनियम, पॉश अधिनियम, दहेज निषेध अधिनियम, आईटीपीए और कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न अधिनियम और कानून के बारे में जागरूक किया गया। अनीता शर्मा ने कार्यशाला में उपस्थित लोगों को विक्टिम ऑफ क्राइम, मुआवज़ा अधिनियम 2019 और राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बलात्कार, एसिड अटैक जैसी घटनाओं के पीड़ितों को प्रदान किए जाने वाले मुआवजे, साथ ही परिवारों में लड़के और लड़की के बीच किए जाने वाले भेदभाव और घरेलू हिंसा अधिनियम के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी मुहैया करवाई। इसके अलावा अनीता शर्मा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता धारा 176(1) के अंतर्गत पीड़िता को अधिक सुरक्षा प्रदान करने और बलात्कार से संबंधित अपराध की जांच में पारदर्शिता सुनिश्चित बनाने, पुलिस की ओर से पीड़िता का बयान ऑडियो-वीडियो माध्यम से दर्ज करने और 183(6)(ए) के तहत महिलाओं के खिलाफ कुछ अपराधों के लिए पीड़िता के बयान, जहां तक संभव हो, एक महिला मजिस्ट्रेट की ओर से दर्ज किए जाने चाहिए। आरोपी को दस वर्ष या उससे अधिक की कैद, आजीवन कारावास या मृत्युदंड की सजा हो सकती है। इस दौरान उन्होंने जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण की कार्यप्रणाली, मुफ्त कानूनी सलाह के लिए उपलब्ध टोल फ्री नंबर 15100 और एंड्रॉयड और एप्पल प्ले-स्टोर पर उपलब्ध नालसा की मुफ्त कानूनी सेवा एप के बारे में अवगत कराया गया। बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष मीनाक्षी राणा ने यौन उत्पीड़न अधिनियम के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। कार्यशाला में खंड विकास अधिकारी सुशील कुमार, अधिवक्ता जिला न्यायालय ऊना राज कुमारी और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने भाग लिया।