झंडा रस्म, कुश्ती, भजन-कीर्तन से गूंजा पूरा गांव
संवाद न्यूज एजेंसी
बंगाणा (ऊना)। परनौलियां सन्हाल गांव में सदियों पुरानी बेड़ा छोड़ने की परंपरा शुक्रवार को हर्षोल्लास के साथ निभाई गई। सुबह बच्चे फूलों से सजे छोटे बेड़ों के साथ उत्सव स्थल पहुंचे। झंडा रस्म से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ और बुजुर्गों ने उत्सव की शुरुआत की। भजन-कीर्तन के बीच मिट्टी के अखाड़े में बच्चों की कुश्ती प्रतियोगिता हुई, जिसे दर्शकों ने जयकारों से सराहा। इसके बाद जुलूस जल तट पर पहुंचा, जहां परंपरा अनुसार बेड़ों का जल में विसर्जन किया गया। वातावरण भक्ति गीतों और जयकारों से गूंज उठा। विसर्जन के बाद प्रसाद वितरण और शुभकामनाओं का आदान-प्रदान हुआ। बुजुर्गों ने बताया कि यह परंपरा गांव में भाईचारा, सहयोग और धार्मिक आस्था को मजबूत करती है। युवाओं ने अगले वर्ष उत्सव को और भव्य बनाने का संकल्प लिया।