बड़ूही (ऊना)। रामगढ़ धार की बीट खुरबाई के तहत अमरोह गांव में खैर के पांच हरे पेड़ों के अवैध कटान का मामला सामने आया है। खुरबाई-जोल सड़क के किनारे खड़े इन पेड़ों पर अज्ञात वन तस्करों ने बीती देर रात कुल्हाड़ी चला दी। घटना ने क्षेत्र में वन संपदा की सुरक्षा को लेकर वन विभाग की गश्त व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार वन विभाग की टीम और बीट गार्ड ने घटना वाली रात इसी सड़क पर रात करीब 12 बजे तक गश्त की थी। उस समय सड़क किनारे पांचों खैर के पेड़ सुरक्षित बताए जा रहे हैं। इसके बाद देर रात अज्ञात तस्करों ने मौका पाकर पांचों पेड़ों को काट दिया। सुबह जब लोगों की नजर कटे हुए पेड़ों पर पड़ी तो मामले की जानकारी वन विभाग को दी गई। रामगढ़ धार क्षेत्र में खैर की अवैध कटान को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में विभागीय टीम की गश्त के कुछ ही घंटों बाद पांच हरे पेड़ों का काटा जाना गंभीर मामला माना जा रहा है। ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों ने घटना पर रोष जताते हुए कहा कि यदि विभाग की टीम आधी रात तक क्षेत्र में गश्त कर रही थी तो उसके बाद तस्कर किस तरह पेड़ों को काटकर मौके से निकल गए, इसकी जांच होनी चाहिए। लोगों ने वन विभाग और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले की गंभीरता से जांच कर पेड़ काटने वालों की पहचान की जाए। साथ ही यह भी पता लगाया जाए कि काटी गई खैर की लकड़ी को कहां ले जाया गया।
3.50 लाख रुपये के नुकसान का आकलन
वन विभाग के ब्लॉक ऑफिसर विकास कौशल ने बताया कि रामगढ़ धार की बीट खुरबाई के तहत पांच खैर के पेड़ काटे गए हैं। वन विभाग ने इस अवैध कटान से करीब 3 लाख 50 हजार रुपये के नुकसान का आकलन किया है। मामले को लेकर पुलिस चौकी जोल में शिकायत पत्र दे दिया गया है। उन्होंने कहा कि अवैध कटान करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।