गोली लगने के बाद उपचार करते। संवाद
दौलतपुर चौक (ऊना)। गगरेट उपमंडल के डिंगोह खुर्द में हुई ताजा फायरिंग की घटना ने एक बार फिर ऊना जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने स्थानीय लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी गगरेट अनिल पटियाल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू करवाई। वहीं, एसपी ऊना सचिन हिरेमठ ने भी घटनास्थल का दौरा कर जांच का जायजा लिया तथा अधिकारियों को मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के निर्देश दिए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गगरेट विधानसभा क्षेत्र के कई गांव पंजाब सीमा से सटे हुए हैं, जहां अनेक कच्चे और संपर्क मार्ग मौजूद हैं। इन रास्तों का इस्तेमाल असामाजिक तत्वों द्वारा किए जाने की आशंका बनी रहती है, जिससे अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह नियंत्रण करना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध शराब का कारोबार लंबे समय से सक्रिय है, जो अब चिंता का बड़ा कारण बन चुका है। हालांकि पुलिस और आबकारी विभाग समय-समय पर कार्रवाई करते हैं, लेकिन लोगों का कहना है कि इन प्रयासों के बावजूद यह धंधा पूरी तरह बंद नहीं हो पाया है। उनका मानना है कि इसी अवैध कारोबार को लेकर कई बार विवाद बढ़कर हिंसक घटनाओं में बदल जाते हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कुछ समय में जिले में फायरिंग की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। लोगों का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त कार्रवाई और अधिक प्रभावी बनाए जाने की जरूरत है। उनका मानना है कि नियमित गश्त, संवेदनशील संपर्क मार्गों पर कड़ी निगरानी और अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से ऐसी घटनाओं पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है।
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन, पुलिस और आबकारी विभाग से मांग की है कि पंजाब सीमा से सटे गांवों में विशेष अभियान चलाकर अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए तथा कानून-व्यवस्था को और मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और सीमावर्ती क्षेत्र के लोग भयमुक्त वातावरण में जीवन व्यतीत कर सकें।