गगरेट (ऊना)। ग्राम पंचायत ओयल की वर्ष 2026 की पहली ग्राम सभा केवल औपचारिक बैठक बनकर नहीं रही बल्कि गांव के विकास के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों और जनहित से जुड़े कई अहम निर्णयों की गवाह बनी। पंचायत प्रधान किरण जसवाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में करीब 250 ग्रामीणों ने भाग लिया और गांव की भावी योजनाओं से लेकर सामाजिक चुनौतियों तक विभिन्न विषयों पर खुलकर चर्चा की। वहीं, पशुओं को लावारिस छोड़ने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पंचायत ने सख्त रुख अपनाते हुए ऐसे पशुपालकों पर 5100 जुर्माना लगाने का फैसला किया। किसानों की फसलों को हो रहे नुकसान पर भी ग्राम सभा में विस्तार से चर्चा हुई। इसके बाद सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि ओयल पंचायत की सीमा में गुर्जरों को अस्थायी डेरा लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
बैठक में सबसे पहले आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के विकास कार्यों की प्राथमिकताएं तय की गईं। ग्रामीणों की राय के आधार पर पंचायत क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने और जनभागीदारी के साथ विकास कार्यों को गति देने पर सहमति बनी।
ग्राम सभा में युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। विशेष रूप से चिट्टे के बढ़ते प्रभाव को सामाजिक चुनौती बताते हुए पंचायत ने जनजागरूकता अभियान चलाने और युवाओं को इस बुराई से दूर रखने के लिए सामूहिक प्रयास तेज करने का निर्णय लिया। गांव में व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह भी तय किया गया कि अब कबाड़ी केवल रविवार को ही गांव में प्रवेश कर सकेंगे।
प्रधान किरण जसवाल ने कहा कि ग्राम सभा में लिए गए सभी निर्णय गांव में अनुशासित व्यवस्था, किसानों के हितों की सुरक्षा, नशामुक्त समाज और संतुलित विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।