गरीब बच्चियों का संबल बना ‘सामर्थ्य’ कार्यक्रम, सपने हो रहे साकार
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। ऊना प्रशासन की ओर से संचालित सामर्थ्य कार्यक्रम गरीब परिवारों की बच्चियों के लिए संबल बना है। इससे जहां बच्चियों के शिक्षा के सपने साकार होकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है, वहीं कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर भी बन रही हैं। उपायुक्त जतिन लाल ने बताया कि जिला में अब तक 24 गरीब परिवारों की बच्चियों को उच्च शिक्षा प्रदान करने के लिए 5,86,730 रुपये की आर्थिक मदद प्रदान की जा चुकी है। इस योजना का उद्देश्य न केवल आर्थिक रूप से पिछड़े तबके की बच्चियों को शिक्षा और आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करना है बल्कि उनके भीतर आत्मविश्वास और स्वावलंबन की भावना भी पैदा करना है।
उपायुक्त जतिन लाल ने बताया कि सामर्थ्य योजना के तहत निर्धन परिवारों की बच्चियों को शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं कौशल विकास से जुड़ी कई सुविधाएं निशुल्क प्रदान की जा रही हैं। आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई छोड़ चुकी बच्चियां योजना से लाभान्वित होकर उच्च शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। यह पहल समाज के कमजोर वर्ग को मुख्य धारा में लाने का एक प्रभावशाली माध्यम है। योजना के तहत लाभ पाने की पात्रता उन लड़कियों के लिए है जिनके पिता का निधन हो चुका है या जो 70 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग हैं। इसके अलावा प्रार्थी का बारहवीं के बाद किसी संस्थान में उच्चतर शिक्षा के लिए दाखिला हुआ होना चाहिए और उनके परिवार की वार्षिक आय 50 हजार रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। यह भी शर्त है कि उन्होंने किसी अन्य योजना का लाभ न लिया हो। लाभार्थी ऊना जिले की स्थायी निवासी होनी चाहिए। अधिक जानकारी के लिए उपायुक्त कार्यालय के कमरा नंबर 406 में संपर्क किया जा सकता है।