ऊना। इन दिनों जिले में एकाएक बदल रहे सर्दी के मौसम ने सैकड़ों लोगों को तेज रफ्तार से निमोनिकल इंफेक्शन की चपेट में ले लिया है, जिससे लोगों में टायफाइड, बुखार, इंफेक्शन, खांसी कमर दर्द आदि की शिकायतें तेज से बढ़ रही हैं।
चिकित्सकों का मानना है कि इन दिनों इस प्रकार की मुश्किलें बढ़ जाती हैं, लेकिन लोगों को फिर काफी एहतियात बरतने की जरूरत है। निमोनिकल इंफेक्शन का सबसे अधिक असर छोटे बच्चों और बुजुर्गों पर देखने को मिल रहा है। वहीं कई स्थानों पर तो परिवार के सभी सदस्य इसकी चपेट में आ चुके हैं। जिसके चलते इसे कम्यूनिटी निमोनिया भी कहा जाता है।इन दिनों चल रही बुखार की लहर में लोग तेज रफ्तारी से जकड़े जा रहे हैं। हालत यह है कि एक ही परिवार में लगभग सभी लोग बुखार की गिरफ्त में हैं।
स्थानीय लोगों में राजेश कुमार, दीपक शर्मा, रमन शर्मा, सूरज प्रकाश, आनंद शर्मा और सुरजीत सिंह ने बताया कि उनके परिवारों में सबसे पहले छोटे बच्चे या बुजुर्गों को बुखार की शिकायतें हुई। इसके बाद मात्र तीन से चार दिनों के भीतर ही पूरा परिवार बुखार की चपेट में आ गया। जिससे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी के कारण छाती जाम, सिरदर्द, कमर दर्द और सूखी खांसी से भी काफी परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। उधर, क्षेत्रीय अस्पताल में तैनात शिशु विशेषज्ञ डा. रवि का कहना है कि इसे निमोनिकल इनफेक्शन या कम्यूनिटी निमोनिया कहा जाता है। जो ठंड के बढ़ते-घटते क्रम में लोगों को जकड़ लेता है। उन्होंने कहा कि ठंड से पूरा बचाव करें, पानी को उबाल कर ही पीएं, जिससे इस बीमारी से बचा जा सकें। उन्होंने बताया कि यह बीमारी परिवारों में सबसे पहले छोटे बच्चों या बुजुर्गों पर ही हमला करती है।