ऊना। जिला के किसान 15 दिसंबर के बाद होने वाली चार माह वाली आलू की फसल की बिजाई की तैयारियों में जुट गए हैं। फिलहाल किसान बीज की कटाई में व्यस्त हैं, जिसमें बीज को उसके अंकुरों के आधार पर हिस्सों में काटा जाता है। बिजाई के दौरान अंकुरित हिस्से को ऊपर रखा जाता है, ताकि फसल समय पर और सही तरीके से तैयार हो सके।
जानकारी के अनुसार जिले में करीब 1000 हेक्टेयर भूमि पर चार माह वाली आलू की फसल तैयार की जाती है। यह फसल अधिकतर बड़े किसान उगाते हैं, क्योंकि यह गेहूं की फसल के साथ तैयार होती है। जिन किसानों के पास कम भूमि है वे गेहूं को प्राथमिकता देते हैं, जबकि बड़े किसान गेहूं और आलू दोनों फसलें अलग-अलग उगाने में सक्षम होते हैं।
किसानों ने बीज की खरीद पहले ही कर ली है। पंजाब के विभिन्न हिस्सों से 2400 रुपये प्रति क्विंटल तक बीज खरीदा जा रहा है। बीज को अंकुरों के आधार पर काटकर बिजाई के लिए तैयार किया जा रहा है। अंकुरित हिस्से को ऊपर रखने से फसल की वृद्धि बेहतर होती है और अंकुर जल्दी जमीन से बाहर आते हैं।
किसानों को अच्छे दाम की उम्मीद
किसानों विनोद कुमार, प्रेम चंद, अमित कुमार, सौरभ जसवाल और विनीत जसवाल का कहना है कि इस बार दो माह वाली आलू की फसल को अच्छे दाम मिले हैं, जिससे किसानों का रुझान चार माह वाली फसल की ओर बढ़ा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार फसल उन्हें बेहतर लाभ देगी। बिजाई भी पिछले साल की तुलना में अधिक होने की संभावना है।
ऊना में किसानों आलू की फसल तैयार करने का अच्छा अनुभव है। हालांकि कई दिनों से बरसात नहीं हुई और हर फसल इससे प्रभावित हो सकती है। हालांकि बिजाई से पहले या बाद में अगर बारिश होती है तो आलू के लिए वरदान साबित होगी।
-कुलभूषण धीमान, उपनिदेशक, जिला कृषि विभाग