बीते दिनों मौसम से खराब रहने से अटके हुए थे कृषि कार्य
कीटनाशकों और खरपतवार हटाने के लिए भी होगा छिड़काव
बारिश के चलते मक्की के खेतों में तेजी से बढ़ रहे खरपतवार
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। लगातार कई दिनों तक बारिश और बादल छाए रहने के बाद शुक्रवार को मौसम साफ होने से किसानों ने राहत की सांस ली। धूप निकलते ही जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में किसान खेतों का रुख करते नजर आए। मौसम साफ होने के साथ ही मक्की और सब्जी फसलों में खाद डालने तथा कीटनाशकों के छिड़काव का काम फिर से शुरू हो गया। पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश के कारण अधिकांश कृषि कार्य प्रभावित हो गए थे, जिससे किसान मौसम खुलने का इंतजार कर रहे थे।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार लगातार नमी बने रहने से मक्की के खेतों में खरपतवार तेजी से बढ़ रहे हैं। यदि समय रहते खरपतवार नष्ट नहीं किए गए तो वे फसल से पोषक तत्व और नमी खींचकर उत्पादन को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में किसान खरपतवार नियंत्रण के लिए दवाओं का छिड़काव करने के साथ-साथ खेतों की निराई-गुड़ाई में भी जुट गए हैं।
वहीं सब्जी उत्पादकों की चिंता भी बढ़ गई है। लगातार बारिश और अधिक नमी के कारण टमाटर, मिर्च, बैंगन, भिंडी समेत अन्य सब्जियों में फफूंदजनित और अन्य रोग फैलने की आशंका बढ़ गई है। रोगों से बचाव के लिए किसान फफूंदनाशक और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कर रहे हैं ताकि फसल को नुकसान से बचाया जा सके।
उपनिदेशक जिला कृषि विभाग डॉ. प्रेम ठाकुर ने बताया कि खेतों में अत्यधिक नमी फसलों के लिए हानिकारक होती है। ऐसे में धूप का खिलना निसंदेह राहत भरा है। कहा कि फसलों की बेहतर बढ़ोतरी के लिए खरपतवारों को हटाना और खाद का छिड़काव आवश्यक है। इससे जुड़े किसी भी मार्गदर्शन के लिए किसान विभाग के विशेषज्ञों के सलाह ले सकते हैं।
बॉक्स
कृषि गतिविधियां हुई तेज
शुक्रवार को दिनभर मौसम साफ रहने और धूप खिलने से खेतों में कृषि गतिविधियां तेज रहीं। किसानों ने खाद डालने, कीटनाशकों का छिड़काव करने और खेतों की देखभाल जैसे लंबे समय से रुके कार्यों को प्राथमिकता दी। किसानों में राजकुमार, हरजिंद्र सिंह, सुरेश कुमार, राजीव सैनी, वीरेंद्र सिंह, अश्वनी कुमार का कहना है कि यदि अगले कुछ दिन मौसम अनुकूल बना रहता है तो फसलों की वृद्धि बेहतर होगी। हालांकि, वे मौसम में दोबारा बदलाव की संभावना को देखते हुए सतर्क भी हैं।