ऊना। गेहूं की फसल पर मौसम की मार, बाढ़, सूखे, ओलावृष्टि, जलभराव, तेज तूफान समेत अन्य प्राकृतिक आपदाओं से नुकसान की भरपाई के लिए किसान 15 दिसंबर तक बीमा करवा सकते हैं। योजना के तहत किसान 450 रुपये प्रति हेक्टेयर प्रीमियम देकर गेहूं की फसल का बीमा करवा सकते हैं। प्राकृतिक आपदा के नुकसान पर किसानों को तीस हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की बीमा राशि मिलेगी। जिले में पीला रतुआ की मार से हर वर्ष किसानों को गेहूं की फसल में भारी नुकसान का सामना करना पड़ता है। सभी नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना चलाई गई है। गौरतलब है कि जिले में करीब 30 हजार हेक्टेयर भूमि क्षेत्र में गेहूं की फसल में बिजाई की जाती है। जिसमें से करीब 64 हजार 868 मीट्रिक टन गेहूं की फसल की पैदावार होती है। इसके साथ कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिला ऊना में 2275 क्विंटल प्रति हेक्टेयर भूमि में गेहूं की पैदावार होती है। इसके अलावा अगर किसानों को इस संबंध में ज्यादा जानकारी चाहिए तो वे कृषि विभाग की वेबसाइट एचपीएग्रीकल्चरडॉटकॉम पर सर्च कर प्राप्त कर सकते हैं। वहीं, कृषि उपनिदेशक डॉ. अतुल डोगरा ने कहा कि सभी 15 दिसंबर तक गेहूं की फसल कर लें। जिससे किसानों को किसी भी आपदा के बाद उन्हें नुकसान की भरपाई हो सके।