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Una News: क्षेत्रीय अस्पताल के परिसर में शव रखकर परिजनों का हंगामा, बोले– इलाज में हुई चूक

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ऊना अस्पताल में मृतक का शव रख कर प्रदर्शन करते हुए परिजन व पास खडें पुलिस अ​धिकारी।संवाद
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चिकित्सकों पर एफआईआर दर्ज करने पर अड़े परिजन
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एफआईआर की प्रति मिलने पर मामला हुआ शांत
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना परिसर में मंगलवार को युवक के शव को रखकर परिजनों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जोरदार रोष प्रदर्शन किया। आरोप है कि उपचार में लापरवाही के चलते युवक की मौत हुई है। मामला गर्माता देख एडीसी ऊना महेंद्र पाल गुर्जर और डीएसपी अजय ठाकुर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। कई घंटे तक चली बातचीत के बाद पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज किया, जिसके बाद वे शव को पोस्टमार्टम के लिए शवगृह में रखने को सहमत हुए। घटना उपमंडल बंगाणा की ग्राम पंचायत जसाणा के निवासी अभी कीर्ति से जुड़ी है, जिसकी मौत से आक्रोश फैल गया। जानकारी के अनुसार सोमवार शाम को अभी कीर्ति किसी कारणवश गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे तत्काल नागरिक अस्पताल बंगाणा लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे क्षेत्रीय अस्पताल ऊना रेफर किया गया। परिजनों का आरोप है कि जब घायल को क्षेत्रीय अस्पताल लाया गया, तब उसकी हालत ठीक थी। लेकिन लगभग दो घंटे तक उसे वहीं पर रखा गया और बाद में पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। इस दौरान जब परिजन मैहतपुर के पास पहुंचे ही थे, तो क्षेत्रीय अस्पताल से डॉक्टरों का कॉल आया और उन्हें वापस अस्पताल बुला लिया गया। लौटने के बाद मरीज को एक पाइप डाली गई और फिर दो घंटे तक अस्पताल में ही रखा गया। इसके बाद बताया गया कि मरीज की हालत नाजुक है और उसे पीजीआई रेफर किया जा रहा है। युवक की मौत के बाद परिजनों ने इलाज में गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है, जो तीन दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपेगी। डीएसपी अजय ठाकुर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और जांच जारी है।
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डॉ. सुचारिता लट्ठ ने किया आरोपों का खंडन
उधर, क्षेत्रीय अस्पताल ऊना की इमरजेंसी में तैनात डॉ. सुचारिता लट्ठ ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने बताया कि मरीज के सिर पर गहरी चोटें थीं और अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा था। उसकी स्थिति अत्यंत गंभीर थी और उसे तुरंत आईसीयू की आवश्यकता थी। प्राथमिक उपचार और सीटी स्कैन के बाद बेहतर इलाज के लिए उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया था।
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