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फॉल आर्मी वर्म से मक्की की 50 फीसदी फसल तबाह, पंप और दवाइयां नहीं पहुंची

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ऊना। मक्की फसल को फॉल आर्मी वर्म लगातार तबाह कर रहा है। इस बीच कृषि विभाग किसानों को राहत नहीं पहुंचा पाया है। आनन-फानन में कीटनाशक उपलब्ध तो करवाया गया, लेकिन सब्सिडी में मिलने वाला स्प्रे पंप कृषि केंद्रों में नहीं मिल रहे हैं।
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जिले के बंगाणा क्षेत्र में 50 फीसदी तक मक्की की फसल बर्बाद हो चुकी है। जिला के अन्य स्थानों पर भी खतरनाक कीट फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। स्प्रे पंपों का मूल्य 2340 रुपये प्रति 16 लीटर पंप है, जो किसानों को 1040 रुपये की सब्सिडी पर 1300 रुपये में मिलता है। पंप न मिलने से किसान फॉल आर्मी वर्म कीटों को रोकने के लिए स्प्रे नहीं कर पा रहे हैं।
किसान महंगे दामों पर बाजार से पंप खरीदने के लिए मजबूर हैं। कृषि विभाग की टीमें फॉल आर्मी वर्म को रोकने के लिए मौके पर जाकर रिपोर्ट बना रही है। किसानों को मक्की की फसल बचाने के लिए जागरूक भी कर रही है। कृषि विभाग ने सरकार से दो प्रकार के 400 लीटर कीटनाशकों की मांग की थी। इसमें से अभी तक 280 लीटर कीटनाशक ही उपलब्ध हो पाया है।
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बता दें कि ऊना जिले में 76489 हेक्टेयर भूमि में कृषि कारोबार होता है। इसमें से 29,000 हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की पैदावार, 31518 हेक्टेयर भूमि पर मक्की की फसल होती है। इसके साथ आलू की रबी फसल करीब 711 हेक्टेयर और खरीफ फसल 1365 हेक्टेयर भूमि में होती है। इसमें से करीब 27500 मीट्रिक टन आलू की पैदावार होती है। इसके अलावा जिला में 900 हेक्टेयर भूमि में सब्जियां उगाई जाती है।
जल्द उपलब्ध करवाए जाएंगे पंप : डोगरा
कृषि उपनिदेशक डॉ. अतुल डोगरा ने कहा कि फॉल आर्मी वर्म से संबंधित कृषि विभाग ने दो प्रकार के कीटनाशक सभी कृषि केंद्रों में उपलब्ध करवा दिए हैं। इसके साथ स्प्रे पंप भी किसानों के लिए जल्द उपलब्ध करवा दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि मक्की की फसल के साथ अन्य फसलों को भी फॉल आर्मी वर्म अपने चपेट में ले लेता है।
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