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Una News: बारिश में भी नहीं डगमगाई आस्था.. मां चिंतपूर्णी मंदिर में 22000 श्रद्धालु नतमस्तक

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मां चिंतपूर्णी दरबार में बारिश के बीच दर्शन के लिए जाते श्रद्धालु। स्रोत संवाद
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गुप्त नवरात्र और रविवार की छुट्टी के चलते श्रद्धालुओं की जुटी भीड़
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बारिश के बीच श्रद्धालुओं ने लंबी लाइनों में खड़े होकर दर्शन के लिए किया इंतजार

संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां चिंतपूर्णी मंदिर में रविवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दूरदराज के राज्यों से पहुंचे माता रानी के भक्तों ने मंदिर में दर्शनों के लिए लंबी-लंबी लाइनों में खड़े होकर अपनी आस्था का इजहार किया। चिंतपूर्णी मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था बारिश में भी नहीं हारी। भक्तों ने बारिश में खड़े रहकर मंदिर में दर्शनों के लिए अपनी बारी का इंतजार किया और माता रानी के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए थे। रविवार शाम छह बजे तक करीब 22000 भक्तों ने मां के दरबार में शीश नवाया। जबकि, देर शाम तक श्रद्धालुओं का मंदिर आना जारी रहा।
जानकारी के अनुसार मां चिंतपूर्णी दरबार के आसपास के इलाकों में रविवार सुबह से ही मौसम खराब रहा। सुबह 10 बजे शुरू हुआ बारिश का दौर दोपहर 12 बजे तक जारी रहा। गुप्त नवरात्र और रविवार को छुट्टी के चलते सुबह के समय ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां के दरबार में पहुंचना शुरू हो गए। सुबह 10 बजे तक श्रद्धालुओं की कतार पुराना बस अड्डा को पार कर बाजार तक जा पहुंची। श्रद्धालुओं ने बारिश के बीच खड़े रहकर मां के दरबार तक पहुंचने और पवित्र पिंडी के दर्शन पाने का इंतजार किया। कतारों में लगे श्रद्धालुओं को करीब तीन घंटे के इंतजार के बाद मां की पावन पिंडी के दर्शन हुए। मौसम की विपरीत परिस्थितियों में भी श्रद्धालुओं की आस्था नहीं डगमगाई। बीच बारिश श्रद्धालु मां के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे।
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रविवार को मां के दरबार पहुंचे भक्तों में अधिक संख्या पंजाब से आए श्रद्धालुओं की रही। जबकि प्रदेश के अलावा हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और अन्य राज्यों के श्रद्धालु भी मां के दरबार पहुंचे। मां चिंतपूर्णी मंदिर हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में स्थित है और यह एक महत्वपूर्ण शक्तिपीठ है। मान्यता है कि माता सती के चरण यहां गिरे थे। इसके बाद से यह स्थान माता चिंतपूर्णी के नाम से प्रसिद्ध हो गया। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। मंदिर में दर्शनों के लिए अलग-अलग लाइनें बनाई गई हैं।
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मंदिर अधिकारी अजय मंडियाल ने बताया कि रविवार के दिन भक्तों के अच्छी संख्या में पहुंचने की उम्मीद पहले से थी। उसी अनुसार शौचालय, छायामान, कतारों और लिफ्ट आदि सुविधाओं की व्यवस्था की गई। कहा कि अगर श्रद्धालुओं को कहीं असुविधा महसूस हो, वे मंदिर प्रशासन कार्यालय में समस्या रख सकते हैं, ताकि व्यवस्था को और बेहतर किया जा सके।
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