ऊना/गगरेट (ऊना)। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से हर वस्तु के दाम प्रभावित होने तय हैं। लोगों को अब और दाम बढ़ने का डर सता रहा है। बढ़ती महंगाई में इन पेट्रोलियम पदार्थों के दाम अब हर किसी को चुभने लगे हैं। जहां पहले पेट्रोल का दाम 93 रुपये 31 पैसे था। अब बढ़कर 96 रुपये 03 पैसे हो गया है। वही डीजल का दाम पहले 85 रुपये 42 पैसा प्रति लीटर था। अब 88 रुपये एक पैसे प्रति लीटर हो गया है। पेट्रोलियम पढ़ार्थों में बढ़ोतरी से महंगाई की मार आम वर्ग पर पड़ेगी। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पहले ही रोजमर्रा की जरूरतों का सामान महंगा हो चुका है और अब पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से घरेलू बजट पूरी तरह बिगड़ जाएगा। लोगों ने कहा कि देश में पेट्रोल की कीमतें बढ़ना आम जनमानस के हित में नहीं है।
पेट्रोलियम पदार्थों के दाम बढ़ने का कारण सभी को पता है। ईरान युद्ध के चलते कच्चे माल की आपूर्ति नहीं हो पा रही जिसके चलते पेट्रोलियम पढ़ार्थों के दाम बढ़े हैं।
- विकास विक्की गगरेट
वैश्विक संकट के चलते पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े हैं। यदि इनके दाम और बढ़े तो महंगाई बेलगाम हो जाएगी। जिसका असर सभी वर्गों पर पड़ेगा।
- राकेश जसवाल गगरेट
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देश में पेट्रोल की कीमतें बढ़ना आम जनमानस के हित में नहीं है। इसका बोझ आम जनमानस पर पड़ेगा। बाजार में महंगाई बढ़ेगी तथा आमजन का जीवन प्रभावित होगा।
- डॉ अर्जुन वर्तिया, मुबारिकपुर
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पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी ने आम लोगों की कमर तोड़कर रख दी है। लगातार बढ़ रही महंगाई के बीच ईंधन के दाम बढ़ने से अब हर वर्ग प्रभावित हो रहा है। खासकर किसानों और मजदूर वर्ग के सामने नई परेशानियां खड़ी हो गई हैं।
- जोगिंद्र सिंह, चक्क
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डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट का खर्च भी बढ़ेगा। इसका असर बाजार में आने वाले हर सामान पर पड़ेगा और खाने-पीने की वस्तुएं भी महंगी हो जाएंगी। सरकार से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत देने की मांग है ताकि आम लोगों को कुछ राहत मिल सके।
-सुभाष चंद, वाहन चालक, चक्क
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बढ़ती महंगाई ने पहले ही लोगों की आर्थिक स्थिति कमजोर कर दी है। ऐसे में ईंधन की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि से लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
-सोहन लाल, निवासी ऊना
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पहले ही रोजमर्रा की जरूरतों का सामान महंगा हो चुका है और अब पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से घरेलू बजट पूरी तरह बिगड़ जाएगा। खेती करना दिन-प्रतिदिन मुश्किल होता जा रहा है और किसान की आमदनी लगातार घट रही है।
-मोगली, निवासी ऊना।
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किसान पहले ही महंगाई के भारी बोझ तले दबा हुआ है। डीजल महंगा होने से ट्रैक्टर की बुआई, जुताई और फसलों की ढुलाई का खर्च बढ़ जाएगा। इसके साथ ही खाद, बीज और उर्वरकों की कीमतों में भी और बढ़ोतरी होने की आशंका है।
-अर्शदीप, ऊना।
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पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है। रोज काम पर आने-जाने वाले लोगों का खर्च बढ़ गया है। कीमतें बढ़ती रहीं तो गरीब और मध्य वर्ग के लोगों का घर चलाना मुश्किल हो जाएगा।
-अजय कुमार, ऊना
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