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टीजीटी कैडर से लेक्चरर पदों के प्रमोशन कोटे में विसंगति

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ऊना। हिमाचल प्रदेश विज्ञान अध्यापक संघ ने टीजीटी से लेक्चरर पदों पर प्रमोशन कोटे में भारी हेरफेर की आशंका व्यक्त की है। उन्होंने सरकार से इसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। हिमाचल प्रदेश विज्ञान अध्यापक संघ के जिलाध्यक्ष चंद्र केश धीमान ने बताया कि आरटीआई एक्ट के तहत मांगी सूचना के आधार पर शिक्षा विभाग, लेक्चरर कैडर के स्वीकृत 16530 पदों में से 5179 का ब्योरा दे पाने में विफल रहा है। इस खुलासे के बाद यूनियन की आशंका पुख्ता हुई है कि टीजीटी कैडर के शिक्षकों के प्रमोशन कोटे के साथ भारी हेरफेर चल रहा था।
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चंद्र केश धीमान ने कहा कि उन्होंने विभाग से कई बार टीजीटी के बैकलॉग को जारी करने की बात कही थी, लेकिन विभाग ने कोई कार्यवाही नहीं की गई। इसके बाद में उन्होंने आरटीआई से सूचना मांगी। विभाग से उपलब्ध करवाई सूचना में बताया है कि प्रदेश में लेक्चरर/पीजीटी/लेक्चरर(स्कूल न्यू) के सभी विषयों के स्वीकृत पद 16530 हैं। इनमें अंग्रेजी के 2072, हिंदी के 1892, इतिहास के 1872, राजनीति शास्त्र के 1890, आईपी के 1677, अर्थशास्त्र के 1245, गणित के 1107, फिजिकल एजुकेशन के 823, केमिस्ट्री के 823, फिजिक्स के 823, बायोलॉजी के 653, कॉमर्स के 1678, संस्कृत के 273, जियोग्राफी के 243, सोशियोलोजी के 147, होम साइंस के 17, म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट के 31, म्यूजिक वॉकल के 46, लोक प्रशासन के 30 और मनोविज्ञान के 11 पद शामिल हैं। उन्होंने बताया कि आरएंडपी नियमों के तहत लेक्चरर पदों पर पचास फीसदी कोटा टीजीटी कैडर से प्रमोशन द्वारा भरा जाता है। इतने ही पद सीधी भर्ती से भरे जाते हैं। सूचना के अधिकार के तहत प्रमोशन कोटे की जानकारी में बताया गया है कि इस समय विभाग में जो प्रमोटी लेक्चरर हैं, उनमें इंग्लिश के 752, हिंदी के 664, हिस्ट्री के 660, पॉलिटिकल साइंस के 651, आईपी के 42, इकोनॉमिक्स के 306, गणित के 330, फिजिकल एजुकेशन के 162, केमिस्ट्री के 187, बायोलॉजी के 156, कॉमर्स के 131, संस्कृत के 67, जियोग्राफी के 19, सोसोलोजी के 39, होम साइंस का 1, म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट के 4, वोकल का 1 और लोकप्रशासन एवं मनोविज्ञान में शून्य सहित प्रमोटी लेक्चरर की संख्या 4172 है। जिला प्रधान चंद्रकेश धीमान ने आंकड़ों पर हैरानी जताते हुए कहा कि नियमों के तहत हर विषय के कुल स्वीकृत पदों का पचास फीसदी प्रमोशन कोटे से भरा जाना चाहिए था। लेकिन विभाग ने इस ओर ध्यान न देकर टीजीटी शिक्षकों के संवैधानिक सेवा लाभों पर प्रहार किया है।
उन्होंने कहा कि लेक्चरर के स्वीकृत 16530 पदों में से प्रमोटी लेक्चरर का पचास फीसदी कोटे के हिसाब से कुल संख्या 8265 बनती है। जबकि इस समय सिर्फ 4172 प्रमोटी लेक्चरर हैं। इससे टीजीटी कैडर का प्रमोशन के लिए 4093 पदों का भारी बैकलॉग बन चुका है। उन्होंने कहा कि उनका संगठन प्रदेश सरकार और शिक्षामंत्री से इस विषय पर बात करेगा। इस अवसर पर जिला के महासचिव विपन कुमार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रमेश कुमार, संजीव जसवाल, सुनील कुमार, वित्त सचिव सुरेश वर्मा, बलवीर सिंह मलकोटिया, सतीश कुमार, चंद्रेश कुमार आदि ने भी प्रमोशन कोटे से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ का विरोध किया है।
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