सरदार रुड़का सिंह कल्याण समिति की ऊना में हुई बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। किसान योद्धा सरदार रुड़का सिंह कल्याण समिति की बैठक इंजीनियर बलवीर चौधरी की अध्यक्षता में रविवार कोे ऊना में संपन्न हुई। उन्होंने कहा कि 50 फीसदी गरीब आबादी से शिक्षा, नौकरी और संपत्ति छीनी जा रही। हम सभी जानते हैं कि प्रतिभा भी समाज के हर वर्ग के पास है तथा नौकरी भी समाज के हर वर्ग को चाहिए। इसलिए सरकार ने समाज के हर वर्ग का समान विकास करने के लिए सामान्य वर्ग को 10 प्रतिशत, ओबीसी वर्ग को 18 फीसदी, दलित वर्ग को 15 प्रतिशत तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग को 7.5 फीसदी भागीदारी दे दी। उन्होंने कहा कि ऑक्सफैम की रिपोर्ट के अनुसार भारत में 50 फीसदी गरीब आबादी के पास मात्र तीन प्रतिशत संपत्ति है। इसलिए प्रदेश की 50 फीसदी गरीब आबादी अपने बच्चों को निजी स्कूलों में नहीं पढ़ा सकती। प्रदेश सरकार ने इस आबादी से शिक्षा छीनने के लिए पिछले पांच साल से अपने स्कूलों में 3840 में से एक भी प्री प्राइमरी शिक्षक तैनात नहीं किया। अब मजबूरी में गरीब जनता को अपने दो बच्चों की पढ़ाई पर प्राइवेट स्कूलों में 50,000 रुपये सालाना खर्च करना पड़ रहा है। कानून के अनुसार 50 प्रतिशत भर्तियां रोजगार कार्यालय के माध्यम से होनी चाहिए। प्रदेश सरकार ने गरीब आबादी से नौकरी छीनने के लिए अगस्त, 2020 को 10156 शिक्षक बिना रोजगार कार्यालय नियमित कर दिए। सामान्य वर्ग के गरीबों को 10 फीसदी, ओबीसी वर्ग को 18 प्रतिशत तथा दलित वर्ग को 22.5 फीसदी नौकरियां नहीं मिल पाईं। फाइनांशियल कमिश्नर एवं सचिव (राजस्व) ने वर्ष 2008 में भूव्यवस्था अधिकारी धर्मशाला को आदेश दिए कि महाल लाल सिंगी का बंदोबस्त कब्जा मौका के आधार पर किया जाए। दुर्भाग्यवश गरीब किसानों से संपत्ति छीनने के लिए महाल लाल सिंगी का बंदोबस्त कब्जा मौका के आधार पर नहीं किया जा रहा है। यही नहीं किसानों की ओर से खरीदा गया रकबा भी पूरा नहीं किया जा रहा है।