पंचायत घर या अन्य सार्वजनिक भवनों पर संचालित हो रहे कई सरकारी स्कूल
जिले के 40 फीसदी से अधिक भवनों को पहुंचा है नुकसान
जलभराव से कक्षाओं में रखा सामान भी हुआ है खराब
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में भारी बरसात से आई आपदा की मार शिक्षा पर भी पड़ी है। लगातार बारिश से केई स्कूलों को नुकसान हुआ, कुछ भवन असुरक्षित हो गए। इस कारण इन स्कूलों को पंचायत की मदद से सार्वजनिक भवनों में संचालित किया जा रहा है। जिन स्कूलों को नुकसान हुआ, उनमें से अधिकतर को 2.50 लाख रुपये तक राहत राशि भी दी गई है। इससे जरूरी सुधार तो किए गए हैं, लेकिन बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाना अभी भी चुनौती है।
जानकारी के अनुसार ऊना में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक, उच्च, माध्यमिक और प्राथमिक स्कूलों की संख्या 750 से अधिक है। इसमें से 40 प्रतिशत स्कूल ऐसे हैं जहां बारिश के कारण कक्षाओं के कमरों और कार्यालयों को नुकसान पहुंचा है। इस दौरान बच्चों को स्कूलों में पढ़ाना चुनौतीपूर्ण हो गया। बंगाणा, अंब और गगरेट के कुछ स्कूल पंचायत भवनों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर संचालित किए जा रहे हैं। इस दौरान स्मार्ट कक्षाएं और जरूरी इलेक्ट्रिक उपकरणों को भी पानी की मार से नुकसान हुआ।
शिक्षा विभाग की मानें तो जिन स्कूलों को नुकसान हुआ, उनमें से अधिकतर को 2.50 लाख रुपये की राहत राशि दी गई है। जहां अधिक नुकसान हुआ है, वहां और बजट की मांग की गई है। कहा कि बारिश से सबसे अधिक नुकसान टकारला, अबादा बराना के प्राथमिक स्कूल, रायंसरी, टक्का सहित कई अन्य स्कूलों को नुकसान हुआ। जलभराव से कक्षाओं में रखी सामग्री भी खराब हो गई है।
जिले के अधिकतर सरकारी स्कूल दो दशक से भी अधिक पुराने हैं। ऐसे में स्कूलों के परिसर और कक्षाओं का भूतल आसपास के क्षेत्र के काफी नीचे है। इससे स्कूलों में जलभराव जैसी समस्या आम हो चुकी है। एक दो स्कूलों को छोड़कर किसी भी स्कूल का नया भवन नहीं बना है। जहां पहले से भवन हैं, वहीं असुरक्षित कमरों को तोड़कर दोबारा निर्मित किए जा रहे। इससे जलभराव की समस्या जस की तस बनी हुई है।
आपदा प्रभावित स्कूलों में राहत राशि आवंटित कर दी गई है। कुछ स्कूलों में अधिक नुकसान हुआ है, जिसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को दी गई है। बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जा रही है। इसके लिए स्कूल प्रबंधन पर विभाग की टीमें लगातार कार्य कर रही हैं। - अनिल कुमार तक्खी, उपनिदेशक जिला उच्च शिक्षा विभाग